Saurabh Pandey | September 23, 2026 | 04:55 PM IST | 2 mins read
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 3,567 नवनियुक्त शिक्षकों और प्राचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास शिक्षकों का दायित्व' है।

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माध्यमिक शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों के लिए नवचयनित 3,567 शिक्षकों और प्राचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के माध्यम से आयोजित इस भर्ती के तहत माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता (PGT) और सहायक अध्यापक (TGT) के पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नवचयनित शिक्षकों, प्राचार्यों और उनके परिवारों को इस सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग का हिस्सा बनने पर आप सभी का तहे दिल से अभिनंदन करता हूं। इस अवसर पर मैं आपके शिक्षकों, अभिभावकों और परिवार के सभी सदस्यों को भी हार्दिक बधाई देता हूं।
सीएम योगी आदित्यनाथ के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा गया है कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/प्रवक्ता (PGT)/सहायक अध्यापक (TGT) अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया।
एक शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम को समाप्त करना ही नहीं है, बल्कि छात्र-छात्राओं को हर प्रकार की नकारात्मकता से बचाकर उनका सर्वांगीण विकास करना भी आप सभी का गुरुतर दायित्व है। सभी नवचयनित अभ्यर्थियों एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल बना सकती है और सुविधाएं दे सकती है, लेकिन इनोवेशन और रोजगार का भविष्य अंततः शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए छात्रों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, "सरकार प्रयोगशालाएं बना सकती है, लेकिन उन प्रयोगशालाओं में उत्कृष्ट अनुसंधान हो और छात्र उसके लिए तैयार हों, यह आपके द्वारा दिए गए शिक्षण से ही तय होगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नवनियुक्त शिक्षक अपने मार्गदर्शन और मेंटरशिप के माध्यम से छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आंकड़ों के जरिए समझाते हुए कहा कि यदि आप में से प्रत्येक शिक्षक हर साल 100 छात्रों से जुड़ता है, तो 3,567 शिक्षकों का मतलब है कि आप एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों को दिशा देंगे। आपका सही मार्गदर्शन और मेंटरशिप ही नए भारत की मजबूत नींव रखेगा।