Bihar Board 2024 Exam: बिहार बोर्ड परीक्षा दिशानिर्देशों में बदलाव, छात्रों को जूते, मोजे पहनने की अनुमति
Santosh Kumar | January 30, 2024 | 12:58 PM IST | 2 mins read
बिहार बोर्ड की वार्षिक परीक्षा 2024 1 फरवरी से शुरू होने वाली है जिसके लिए बोर्ड ने राज्य भर में 1523 परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
नई दिल्ली: बिहार बोर्ड ने 12वीं इंटर वार्षिक परीक्षा 2024 के लिए दिशानिर्देशों में बदलाव किया है। उत्तर भारत में भीषण ठंड और शीत लहर को देखते हुए बोर्ड ने छात्रों को जूते और मोजे पहनकर परीक्षा केंद्र पर जाने की अनुमति दी है। बोर्ड ने पहले छात्रों को परीक्षा स्थल पर जूते और मोज़े पहनने की अनुमति नहीं दी थी, हालांकि, उन्होंने निर्णय पर विचार किया और परीक्षा के लिए जारी दिशानिर्देशों में बदलाव किए।
बीएसईबी ने एक नोटिफिकेशन जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। आपको बता दें कि बिहार बोर्ड की वार्षिक परीक्षा 2024 1 फरवरी से शुरू होने वाली है जिसके लिए बोर्ड ने राज्य भर में 1523 परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
बोर्ड ने इंटर और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2024 के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली है। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। मैट्रिक परीक्षा के लिए 1585 परीक्षा केंद्र निर्धारित किये गये हैं।
इससे पहले, बीएसईबी ने परीक्षा को लेकर छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। बीएसईबी यानी बिहार बोर्ड ने छात्रों को परीक्षा से पहले नकल न करने की हिदायत दी है।
बोर्ड द्वारा जारी जरूरी दिशा-निर्देश
बोर्ड ने नकल मुक्त परीक्षा के लिए हर जिले में मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए हैं। जिसके तहत छात्रों की दो बार तलाशी ली जाएगी। सबसे पहले छात्र की गेट पर जांच की जाएगी और फिर बोर्ड परीक्षा हॉल में तलाशी ली जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही परीक्षा केंद्र में वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गई है। छात्रों को परीक्षा शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले हॉल में प्रवेश करना होगा। देर से पहुंचने वाले छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा परीक्षा (Bihar Board 2024 Exam) के दौरान छात्रों के साथ-साथ पर्यवेक्षकों को भी परीक्षा हॉल में मोबाइल, टैब, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक घड़ी या इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर, ब्लूटूथ जैसी चीजें ले जाने की अनुमति नहीं है।
बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 25 छात्रों के प्रत्येक परीक्षा कक्ष में एक पर्यवेक्षक मौजूद रहेगा। साथ ही उचित संख्या में निरीक्षकों की नियुक्ति भी की जायेगी। सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने जिलों में बनाये गये परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। औचक निरीक्षण के दौरान यदि कोई अनियमितता पाई गई तो बोर्ड आगे की कार्रवाई करेगा।
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