Abhay Pratap Singh | February 14, 2024 | 07:41 PM IST | 1 min read
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की समृद्ध और विविध विरासत के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भारत के उदय की झलक कार्यक्रम के दौरान झांकियों में देखी गई।

नई दिल्ली: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अपना 109वां स्थापना दिवस बसंत पंचमी के दिन आज यानी 14 फरवरी को उत्साह पूर्वक मनाया। कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने बीएचयू कम्यूनिटी से छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध होने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पंजाब सिंह शामिल हुए।
वायस चांसलर जैन ने अपने संबोधन में कहा कि बीएचयू की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्यों में से एक छात्रों का समग्र विकास था, इसलिए शिक्षक होने के नाते छात्रों का शैक्षणिक, बौद्धिक और व्यावसायिक विकास सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। यदि हमारा कोई छात्र सही रास्ते से भटकता है, तो एक शिक्षक और संस्था के रूप में हमें इसकी चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रचनात्मक और सकारात्मक भागीदारी व गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी उन्हें पेशेवर और व्यक्तिगत रूप से बढ़ने में मदद करता है। मदन मोहन मालवीय जी का विचार था कि छात्रों को अपने विशिष्ट विभागों या संकायों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें बहुमुखी शिक्षा और गतिविधियों में शामिल होना चाहिए।
प्रोफेसर जैन ने आगे कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 बहु-विषयक शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करती है। हमें छात्रों को आगे बढ़ने और उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद के अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। बीएचयू इस दिशा में आगे बढ़कर दूसरों के लिए उदाहरण बन सकता है।
स्थापना दिवस समारोह में जुलूस निकालने के साथ ही "विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत" की थीम पर विभिन्न संस्थानों, संकायों और स्कूलों की झांकियां शामिल की गई थी। झांकी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की समृद्ध और विविध विरासत के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भारत के उदय की झलक भी प्रस्तुत की गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय सीयूईटी स्कोर के आधार पर यूजी पाठ्यक्रमों की सीटें भर सकता है। सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा 15 मई से 31 मई 2024 के बीच आयोजित की जाएगी।
Abhay Pratap Singh