यूपी फार्मेसी परीक्षा में 4 छात्रों ने लिखा 'Jai Shri Ram'', मिले 50% से ज्यादा अंक, 2 शिक्षक निलंबित

Santosh Kumar | April 27, 2024 | 02:11 PM IST | 2 mins read

यूपी फार्मेसी परीक्षा में छात्रों ने उत्तर पुस्तिका में 'जय श्री राम', विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे क्रिकेटरों के नाम और फिल्मी गाने के बोल लिखे।

आरटीआई के माध्यम से हुआ खुलासा। (इमेज: X/@Stance_Live)

नई दिल्ली: यूपी के जौनपुर में डी.फार्मा (डिप्लोमा इन फार्मेसी) के 4 छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष की सेमेस्टर परीक्षा में "जय श्री राम" और क्रिकेटरों का नाम लिखकर 50 प्रतिशत से अधिक अंक लाने का मामला चर्चा में है। आरटीआई से हुए चौंकाने वाले खुलासे के बाद अंक देने वाले 2 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। मामला राजकीय वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल (वीबीएसपी) विश्वविद्यालय का है।

यह खबर तब सामने आई जब एक छात्र दिव्यांशु सिंह ने मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। राजभवन ने आरोपों पर संज्ञान लिया और मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई। इसके बाद, आरटीआई प्रतिक्रिया से पता चला कि अंकों में धांधली हुई थी जिसके चलते मूल्यांकन में शामिल 2 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। बाद में, उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा पुनर्मूल्यांकन किया गया, तो इन छात्रों को शून्य अंक दिए गए।

उत्तर पुस्तिका में लिखा क्रिकेटरों का नाम

यूपी फार्मेसी परीक्षा में छात्रों ने उत्तर पुस्तिका में 'जय श्री राम', विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे क्रिकेटरों के नाम और फिल्मी गाने के बोल लिखे थे। इसके बावजूद छात्रों को 75 में से 42 अंक यानी 56 फीसदी अंक दिए गए। हालांकि छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई तो कई लोगों ने अनियमितताओं पर चिंता जताई है और कहा कि 'यूपी शुरुआती लोगों के लिए नहीं है।'

रिपोर्ट के मुताबिक जिन 2 शिक्षकों को सस्पेंड किया गया है उनमें विनय वर्मा और मनीष गुप्ता का नाम शामिल है। बता दें कि इससे पहले 3 अगस्त 2023 को दिव्यांशु सिंह ने पुनर्मूल्यांकन के लिए कम से कम 18 डी.फार्मेसी छात्रों के रोल नंबर दिए थे।

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अतिरिक्त अंक देने के बदले पैसे लिए गए

दिव्यांशु ने यह आरोप लगाया था कि मूल्यांकनकर्ताओं ने प्रथम वर्ष की परीक्षा में अतिरिक्त अंक देने के बदले पैसे लिए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी की राज्यपाल, प्रदेश के मुख्यमंत्री और विश्वविद्यालय के कुलपति को भी भेजा गया था।

इसके बाद राजकीय वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल (वीबीएसपी) विश्वविद्यालय की कुलपति वंदना सिंह ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रस्ताव को पहले मंजूरी के लिए विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति के समक्ष रखा जाएगा।

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