उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूल में फाइलेरिया की दवा से 28 बच्चे हुए बीमार
Press Trust of India | February 28, 2024 | 10:58 PM IST | 1 min read
स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा सभी बीमार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉक्टरों ने इलाज के बाद बच्चों को वापस भेज दिया।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अमेठी में प्राथमिक विद्यालय (उड़वा) में फाइलेरिया के इलाज के लिए बनी दवा खाने से 28 बच्चे बीमार हो गए। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा एंबुलेंस की सहायता से सभी बीमार बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज करते हुए उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने प्राथमिक विद्यालय उड़वा में बच्चों को फाइलेरिया रोधी और कृमिनाशक गोलियां दी, जिसके बाद से स्कूली बच्चे बीमार पड़ गए। अधिकारी ने आगे बताया कि फाइलेरिया रोधी और कृमिनाशक गोलियों के सेवन से बुखार, जोड़ों में दर्द, चेहरे पर सूजन जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं।
Also read UP RO-ARO Exam 2024: यूपी आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा कथित अनियमितताओं की शासन स्तर पर जांच, आदेश जारी
डॉ. अंशुमान ने कहा कि फिलहाल सब कुछ नियंत्रण में है। प्राथमिक विद्यालय (अमेठी) के प्रधानाध्यापक गिरीश कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चल रहे अभियान के तहत बच्चों को दवा दी जा रही है। उन्हें आज सुबह जानकारी मिली कि फाइलेरिया की दवा के सेवन के बाद कुछ बच्चों को बुखार, घुटनों और पैरों में दर्द हो रहा है।
प्रधानाध्यापक ने आगे बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा तुरंत सभी बच्चों को फुरसतगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ले जाया गया। जिसके बाद चिकित्सकों द्वारा सभी बच्चों को इलाज के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई