Santosh Kumar | September 15, 2026 | 08:25 PM IST | 2 mins read
अब जज पूरे मामले पर एक अंतिम, विस्तृत लिखित आदेश तैयार करेंगे। यूपीपीएससी पीसीएस 2025 मेन्स परीक्षा 29 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित की गई।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की कंबाइंड स्टेट/अपर सबऑर्डिनेट सर्विसेज (पीसीएस) परीक्षा 2025 से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में आज एक अहम मोड़ आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले से जुड़ी रिट याचिका पर अंतिम सुनवाई पूरी कर ली है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह मामला कोर्ट में *अभिषेक कुमार यादव और 14 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य* के नाम से चल रहा है। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा प्रक्रिया और नियमों से जुड़े कुछ प्रशासनिक और तकनीकी मुद्दों को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया।
फैसला 'सुरक्षित' रखे जाने का मतलब यह नहीं है कि परीक्षा की प्रक्रिया रुक गई है या नतीजे घोषित नहीं किए जाएंगे। इसका सीधा सा मतलब है कि कोर्ट ने मामले के सभी कानूनी पहलुओं और दोनों पक्षों की दलीलों को सुन लिया है।
अब जज पूरे मामले पर एक अंतिम, विस्तृत लिखित आदेश तैयार करेंगे। यूपीपीएससी पीसीएस 2025 मेन्स परीक्षा 29 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित की गई। रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जारी किया जाएगा।
पिछली सुनवाई में, याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने 2025 में ओबीसी कैटेगरी के तहत पीसीएस प्री परीक्षा दी थी और जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए तय कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल किए थे।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि रिजर्वेशन एक्ट और माइग्रेशन नियमों के अनुसार, अगर रिजर्व्ड कैटेगरी का कोई उम्मीदवार जनरल कट-ऑफ के बराबर या उससे ज़्यादा अंक लाता है, तो उसे जनरल कैटेगरी में रखा जाना चाहिए।
लेकिन याचिकाकर्ताओं के वकील का दावा था कि इन नियमों का पालन नहीं किया गया और यूपीपीएससी ने उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया। इसके उलट, कई उम्मीदवार यूपीपीएससी मेंस रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
इच्छुक उम्मीदवार अब 22 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले, आवेदन की समय-सीमा 15 सितंबर तय की गई थी, जो आज खत्म होने वाली थी। बिहार बोर्ड ने इस संबंध में अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर अधिसूचना जारी की है।
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