सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि प्रदेश के करीब 4,000 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
कर्नाटक, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी हजारों टीचिंग पोस्ट वेकेंट हैं। यह समस्या केवला कुछ राज्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती है, जिस पर सरकार को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
बीएसईबी चेयरमैन त्यागराजन एसएम ने कहा, परीक्षा दो चरणों में होगी और प्रत्येक चरण की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित की गई है। मेन परीक्षा पटना डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर के एग्जाम सेंटर्स पर दो शिफ्ट में कराई जाएगी।
पात्र स्टूडेंट्स को आवासीय स्कूल में कुल 120 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा, जिनमें से 60 सीटें लड़कों के लिए और 60 सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित हैं। दाखिला पूरी तरह से मेरिट-आधारित प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा।
सीएम ने निर्देश दिए कि सभी 719 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं, अलग शौचालय, चारदीवारी, खेल मैदान, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल लैब, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, फर्नीचर, टैबलेट और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।