रिपोर्ट में कहा गया, ''कक्षा 10 और 12 के बोर्ड विषय रूपरेखा में बदलाव कर व्यावसायिक विषयों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। साथ ही सभी राज्यों के बोर्ड को 10वीं के बोर्ड प्रमाणन के लिए इस संशोधित रूपरेखा को अपनाना चाहिए।''
दिल्ली सरकार ने अब इस प्रावधान को हटा दिया है और आर-3 को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दिशा-निर्देश लागू होंगे।
इम्प्रूवमेंट परीक्षाएं छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में अपना प्रदर्शन बेहतर करने का मौका देती हैं। नतीजे जारी होने के बाद, अब उम्मीदवार अपने मार्क्स देख सकते हैं और भविष्य के लिए प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।
इन स्कूलों में जेईई और नीट के सिलेबस के हिसाब से एक्सपर्ट टीचरों द्वारा तैयार किए गए विषय-वार वीडियो छात्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये वीडियो स्कूलों में लगे स्मार्ट टीवी और स्मार्ट बोर्ड के ज़रिए दिखाए जा रहे हैं।