न्यायमूर्ति बागची ने सॉलिसिटर जनरल से मामले में स्थिति रिपोर्ट भी मांगी। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि याचिका में उठाई गई व्यक्तिगत अंकपत्र संबंधी कई शिकायतों का काफी हद तक समाधान किया जा चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल नामांकन वर्ष 2023-24 में 1.67 करोड़ से घटकर 2025-26 में 1.59 करोड़ रह गया।
एनसीईआरटी का प्रतिनिधि कोर्ट की सुनवाई में शामिल नहीं हुआ, हालांकि, अदालत ने कंपनी को अगले आदेश तक दंडात्मक कार्रवाई से छूट दे दी।