सीबीएसई ने नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और कक्षा 12वीं में अपेक्षा से कम अंक मिलने को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन शुल्क में कमी करने का फैसला किया है।
बीएसईपी इंटरमीडिएट कंपार्ट एवं स्पेशल परीक्षा 2026 की उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज करने के लिए विद्यार्थियों को अपने रोल कोड और रोल नंबर जैसे क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि, राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी स्कूल बैग नीति, 2020 का पालन करना होगा।
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को पहली बार लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई ने सर्वप्रथम 2014 में ओएसएम की शुरुआत की थी।
सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 से असंतुष्ट विद्यार्थी मार्किंग स्कीम के आधार पर अपनी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करें। यदि आपको कोई गलती दिखती है, तो कृपया स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि मार्किंग स्कीम से उत्तर मिलने के बावजूद किसी विशेष प्रश्न में अंक नहीं दिए गए हैं।
सीबीएसई ने कहा कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम करने और सीखने पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए कक्षा 10 में आर3 के लिए कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
जो छात्र एक या दो विषयों में असफल होते हैं, उन्हें कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा जाता है और उन्हें एचबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के माध्यम से दूसरा मौका मिलता है। यह परीक्षा जुलाई 2026 में होने की उम्मीद है और परिणाम आमतौर पर अगस्त 2026 के पहले सप्ताह तक घोषित हो जाएंगे।