बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड केवल ओएफएसएस के जरिए दाखिला लेने वाले छात्रों का ही 11वीं कक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करेगा, और केवल रजिस्टर्ड छात्र ही 2028 में 12वीं/+2 कक्षा की सालाना परीक्षा में शामिल होने के योग्य होंगे।
इस नए सिस्टम के तहत, सभी रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स के लिए पहली मुख्य परीक्षा देना जरूरी होगा। जो स्टूडेंट्स यह परीक्षा पास कर लेंगे, वे अधिक से अधिक तीन विषयों में अपने मार्क्स बेहतर करने के लिए दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
एक अधिकारी ने बताया, ''पहले चरण में करीब 69.87 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। जिन बच्चों के माता-पिता के पास बैंक खाते नहीं हैं उनके लिए खाते खोलने का प्रयास किया जा रहा है।"
बोर्ड सेक्रेटरी भगवती सिंह के निर्देशों के अनुसार, अपलोड की गई जानकारी की जांच के बाद अगर नाम, माता-पिता के नाम, जन्म तिथि, लिंग, विषय, फोटो या अन्य शैक्षणिक जानकारी में कोई गलती मिलती है, तो उसे ठीक किया जा सकता है।
डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा, ''हमें चिन्मय विद्यालय में बम की धमकी मिलने के संबंध में फोन आया था। तलाशी अभियान जारी है।'' इससे पहले, 15 सितंबर को दिल्ली में कम से कम 3 स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले।
अधिकारियों ने बताया कि इन 5 केंद्रों की स्थापना इन शास्त्रीय भाषाओं में अकादमिक शोध, डिजिटलीकरण, संरक्षण और विरासत के प्रसार को मजबूत करने के लिए की जाएगी।
आवेदन की प्रक्रिया 1 अक्टूबर को शुरू हुई और इसकी आखिरी तारीख 6 अक्टूबर तय की गई है। छात्र इस दौरान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आखिरी तारीख के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।