Santosh Kumar | February 9, 2026 | 12:46 PM IST | 2 mins read
विभाग का मानना है कि प्रमोशन मिलने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम होती है, जिससे आगे की कक्षाओं में छात्रों को कठिनाई होती है।

नई दिल्ली: राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव के तहत, सरकार ने क्लास 5 और 8 के स्टूडेंट्स के लिए ऑटोमैटिक प्रमोशन सिस्टम को खत्म करने का फैसला किया है। अब, इन क्लास के स्टूडेंट्स को अगली क्लास में जाने के लिए कम से कम पासिंग मार्क्स लाने होंगे। अगर कोई स्टूडेंट जरूरी मिनिमम मार्क्स नहीं ला पाता है, तो उसे क्लास में फेल माना जाएगा। आरबीएसई ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर यह जानकारी साझा की है।
यह फैसला राज्य में लर्निंग आउटकम सुधारने और ड्रॉपआउट कम करने के उद्देश्य से लिया गया। विभाग का मानना है कि प्रमोशन मिलने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम होती है, जिससे आगे की कक्षाओं में छात्रों को कठिनाई होती है।
नए नियमों के तहत यदि कोई विद्यार्थी न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे सुधार के लिए 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए विशेष शिक्षण (रिमेडियल टीचिंग) की व्यवस्था भी की जाएगी।
बोर्ड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। विभाग का कहना है कि इससे पढ़ाई की निगरानी बेहतर होगी और बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाना, उनकी क्षमता बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। बोर्ड ने क्लास 5वीं और 8वीं की परीक्षाओं की डेटशीट पहले ही जारी कर दी है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2026 में क्लास 5 और 8 की परीक्षाएं 19 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक आयोजित करेगा। जारी डेटशीट के अनुसार, परीक्षाएं एक ही दोपहर की शिफ्ट में, दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होंगी।
डीएफएस के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों से सुबह के समय आपातकालीन कॉल प्राप्त हुए, जिसके बाद दमकल गाड़ियां और बम निरोधक दस्ते तुरंत उन स्थानों पर भेजे गए।
Press Trust of India