Rajasthan News: राजस्थान के स्कूलों में मनाया जाएगा अनुच्छेद 370 हटने का जश्न, कांग्रेस ने जताया विरोध
Press Trust of India | July 30, 2024 | 02:11 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने भी नए कैलेंडर की निंदा करते हुए कहा कि यह शिक्षा का राजनीतिकरण करने और हिंदुत्व विचारधारा का प्रचार करने का प्रयास है।
नई दिल्ली: राजस्थान शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में नए सत्र के लिए शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दिन यानी 5 अगस्त को 'स्वर्ण मुकुट मस्तक दिवस' के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा 28 मई को हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की जयंती मनाने का प्रस्ताव है। कांग्रेस ने शिक्षा विभाग के इस कदम की निंदा की है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए उठाया गया "बेशर्म" कदम बताया। डोटासरा ने कहा, "कांग्रेस शिक्षा के इस राजनीतिकरण और छात्रों पर अपनी विभाजनकारी विचारधारा थोपने का विरोध करती है।"
शैक्षणिक कैलेंडर 28 जुलाई को जारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग का कैलेंडर रविवार (28 जुलाई) को जारी किया गया, जिसमें 4 फरवरी को सूर्य नमस्कार दिवस, 7 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती, 14 फरवरी को मदर्स डे-फदर्स डे और 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस दिवस, जिसे देश प्रेम दिवस के रूप में भी जाना जाता है, शामिल है।
इससे पहले, प्राथमिक विद्यालय शिक्षा विभाग ने 9 जुलाई को अपना वार्षिक कैलेंडर प्रकाशित किया था, जिसमें राम मंदिर अभिषेक के उत्सव को शामिल किया गया था। स्कूल शिक्षा मंत्री दिलावर ने 26 फरवरी को पदभार संभालने के बाद सावरकर और महाराणा प्रताप के ऐतिहासिक चित्रण की आलोचना की थी।
उन्होंने कहा कि पहले के पाठ्यक्रम में मुगल सम्राट अकबर का अधिक महिमामंडन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर की भूमिका को इतिहास में गलत तरीके से लिखा गया है।
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कांग्रेस प्रवक्ता ने की फैसले की निंदा
कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने भी नए कैलेंडर की निंदा करते हुए कहा कि यह शिक्षा का राजनीतिकरण करने और हिंदुत्व विचारधारा का प्रचार करने का प्रयास है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि स्कूली शिक्षा मंत्री के दृष्टिकोण में शिक्षा पर ध्यान देने की कमी है, इसके बजाय उनका उद्देश्य छात्रों को सावरकर के बारे में पढ़ाना है, जिन्होंने अंग्रेजों से लड़ने के बजाय उनसे माफी मांगी थी।
भाजपा प्रवक्ता मुकेश पारीक ने कैलेंडर का बचाव किया और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। पारीक ने जोर देकर कहा कि भाजपा का इरादा छात्रों को सावरकर और महाराणा प्रताप जैसे प्रभावशाली नेताओं के बारे में शिक्षित करना है ताकि वे उनसे प्रेरित हो सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग का कैलेंडर स्कूली गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करता है। इसमें दूसरे और चौथे शनिवार को "नो बैग डे" और स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का जश्न मनाने जैसी पहल शामिल हैं।
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