Santosh Kumar | January 14, 2026 | 09:17 PM IST | 1 min read
जारी आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था प्रदेश के करीब 68 हजार स्कूलों और लगभग 90 लाख से अधिक विद्यार्थियों पर लागू होगी।

जयपुर: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर गुरुवार को स्टूडेंट्स रेगुलर यूनिफॉर्म के बजाय अपने कैज़ुअल या ट्रेडिशनल कपड़े पहनकर स्कूल आ सकेंगे।यह आदेश केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी लागू होगा।
जारी आदेश के अनुसार, टीचर गुरुवार को अपनी पसंद के लोकल या पारंपरिक कपड़े भी पहन सकते हैं। शिक्षा विभाग का मकसद स्टूडेंट्स में कल्चरल जागरूकता बढ़ाना और हर दिन यूनिफॉर्म पहनने की मजबूरी से राहत देना है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। यह व्यवस्था प्रदेश के करीब 68 हजार स्कूलों और लगभग 90 लाख से अधिक विद्यार्थियों पर लागू होगी।
विभाग के अनुसार सप्ताह में 1 दिन अलग परिधान पहनने से बच्चों को स्वतंत्रता का अनुभव होगा। निजी स्कूलों में जहां सप्ताह में अलग ड्रेस कोड होता है, अब सरकारी-निजी दोनों स्कूलों में यह व्यवस्था कॉमन डे के रूप में लागू रहेगी।
बता दें कि राजस्थान बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत, फेल होने वाले स्टूडेंट्स को अगली क्लास में प्रमोट करने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी।