धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर राहुल गांधी ने कसा तंज, बोले- अहंकार में डूबी सरकार अब युवाओं को बता रही आतंकवादी
Santosh Kumar | June 25, 2026 | 02:36 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ''हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले, इस आवाज को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूंगा।''
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक बयान को लेकर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ''अहंकार में डूबी'' मोदी सरकार अब निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग करने वाले युवाओं को आतंकवादी बता रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। प्रधान ने हाल ही में नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को ''दहशतगर्दों की बी-टीम'' कहा था।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री "आतंकवादी" कह रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया, वह आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज उठाने वालों को "दहशतगर्द" बता रहा है।''
धर्मेंद्र प्रधान से माफी व इस्तीफे की मांग
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि अन्नदाता किसानों को ''आंदोलनजीवी और परजीवी'' कहा गया तथा सवाल पूछने वाले को "राष्ट्र विरोधी" कहा गया।
राहुल गांधी ने दावा किया, ''जो भी सरकार से सवाल पूछे, उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है। धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी मांगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।"
शिक्षा व्यवस्था एक वसूली तंत्र बन गई
राहुल ने आगे कहा, "और रही मेरी बात, तो आप मुझ पर जितने चाहें, हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूं कि यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूंगा।''
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ''हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले, इस आवाज को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूंगा।'' एनटीए ने नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून को एक शिफ्ट में आयोजित की।
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