पीएम नरेंद्र मोदी ने 62,000 करोड़ रुपए की युवा-केंद्रित योजना का किया अनावरण, बिहार को दिया विशेष महत्व
Abhay Pratap Singh | October 4, 2025 | 03:16 PM IST | 2 mins read
कौशल दीक्षांत समारोह 2025 में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के 46 अखिल भारतीय टॉपर्स को सम्मानित भी किया गया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 62,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत की युवा-केंद्रित योजना की शुरुआत की, जिसमें चुनावी राज्य बिहार को विशेष महत्व दिया गया। यह घोषणा राष्ट्रीय कौशल दीक्षांत समारोह के चौथे संस्करण ‘कौशल दीक्षांत समारोह 2025’ के दौरान की गई। साथ ही, समारोह में 46 अखिल भारतीय टॉपर्स को सम्मानित भी किया गया।
नरेंद्र मोदी ने 60,000 करोड़ रुपए के निवेश वाली केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन (पीएम-सेतु) का अनावरण किया। इस योजना के तहत 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से उन्नत किया जाएगा, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं।
युवा शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत ज्ञान और कौशल का देश है। यह बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आईटीआई न केवल औद्योगिक शिक्षा के प्रमुख संस्थान हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत की कार्यशालाएं भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि, पीएम-सेतु योजना भारत के युवाओं को दुनिया की कौशल मांगों से जोड़ेगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “सामूहिक रूप से पीएम-सेतु भारत के आईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को पुनः परिभाषित करेगा। यह सरकारी स्वामित्व वाला, लेकिन उद्योग द्वारा प्रबंधित मॉडल होगा, जिसे विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से वैश्विक सह-वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।”
कौशल और शिक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए सरकार के नए प्रयासों के तहत पीएम मोदी ने बिहार में छात्रों और स्नातकों के लिए राज्य स्तरीय योजनाओं को भी नया रूप दिया है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत लगभग 5 लाख स्नातकों को दो साल तक 1,000 रुपए मासिक भत्ता और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।
छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 4 लाख रुपए तक का ब्याज-मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने के लिए सुधार किया गया है। प्रधानमंत्री ने बिहार युवा आयोग का भी उद्घाटन किया, जो 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है। जिसकी स्थापना राज्य के युवाओं की क्षमता को सक्रिय करने और प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए की गई है।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, “भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और शिक्षा के विस्तार के लिए समर्पित कर दिया, उनके नाम पर स्थापित किया जा रहा कौशल विश्वविद्यालय उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, युवा आयोग और नवनिर्मित जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय से लाखों छात्रों और नौकरी चाहने वालों को लाभ होगा। आगे कहा, इसके माध्यम से बिहार के युवाओं को नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं और 25 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
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