UP News: यूपी में वजीफा से वंचित 5 लाख से अधिक छात्रों को दिवाली से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, सीएम योगी ने कहा
Santosh Kumar | September 27, 2025 | 12:24 PM IST | 2 mins read
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले छात्रवृत्ति की रकम छात्रों के खाते में सीधे नहीं पहुंचती थी और इसमें मनमानी होती थी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में छात्रवृत्ति से वंचित 5 लाख से अधिक छात्रों को दिवाली से पहले छात्रवृत्ति दी जाएगी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने वंचित छात्रों को यह आश्वासन दिया। संस्थान द्वारा डेटा अपलोड न करने और डेटा लॉक होने के कारण लगभग 5 लाख एससी-एसटी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी। ऐसे छात्रों को दिवाली से पहले छात्रवृत्ति दी जाएगी।
सीएम योगी ने कहा कि जिन छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है, उनके खाते में दीपावली से पहले पैसा भेज दिया जाएगा। साथ ही जिनकी गलती से छात्रवृत्ति रुकी है, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आगे ऐसी गलती न हो।
'पहले छात्रवृत्ति खाते में सीधे नहीं आती थी'
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले छात्रवृत्ति की रकम छात्रों के खाते में सीधे नहीं पहुंचती थी और इसमें मनमानी होती थी। जो छात्रवृत्ति सितंबर-अक्टूबर में मिलनी चाहिए थी, वह मार्च-अप्रैल में दी जाती थी और उसमें भी भेदभाव होता था।
उन्होंने यह भी कहा कि 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली। उन्होंने कहा,‘‘ जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के विद्यार्थियों को प्रदान की।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017-18 से 2024-25 तक एससी, एसटी के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपये दिए गए, जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए। सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्रों को 5,945 करोड़ रुपये उनके खाते में भेजे गए।
सीएम योगी ने दिया छात्रवृत्ति का ब्योरा
मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद से दी जाने वाली छात्रवृत्ति का ब्योरा देते हुए कहा कि 2017-18 में 1,648 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई थी, जबकि अब पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र, एक छात्रवृत्ति’ की व्यवस्था लागू की है।
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