Saurabh Pandey | June 18, 2026 | 03:44 PM IST | 2 mins read
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा बिना किसी स्थगन के अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, एजेंसी ने व्यापक सुरक्षा इंतजामों का आश्वासन देते हुए छात्रों से सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने और मानसिक तनाव न लेने की सलाह दी है।
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नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 पुन: परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले उम्मीदवारों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। सोशल मीडिया पर चल रही स्थगन की अफवाहों को खारिज करते हुए एजेंसी ने छात्रों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।
एनटीए ने परीक्षा में शामिल होने जा रहे लाखों उम्मीदवारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने कड़ी मेहनत की है और पूरी तैयारी की है, अब समय अपनी इस मेहनत पर भरोसा रखने का है। एजेंसी ने छात्रों को तनावमुक्त रहने, अच्छी नींद लेने और केवल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
परीक्षा की शुचिता को लेकर एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक सुरक्षित, सुदृढ़ और निष्पक्ष परीक्षा के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। इस प्रक्रिया की ईमानदारी एनटीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा कवच तैयार किया गया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार (Malpractice) के प्रयास से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा, ताकि ईमानदार और मेहनती छात्रों के हितों की रक्षा की जा सके।
एनटीए ने माता-पिता, शिक्षकों और समाज से एक अनुरोध किया है कि वे छात्रों को शांत रखने में मदद करें। सोशल मीडिया पर किसी भी बिना सत्यापन वाली जानकारी या अफवाह को शेयर करने से बचें, ताकि हमारे छात्र स्थिर और बिना किसी मानसिक उलझन के परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सकें। एनटीए ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "गहरी सांस लें, खुद पर भरोसा रखें और अपना सर्वश्रेष्ठ दें। हम आपके साथ हैं।"
परीक्षा के भारी दबाव और मानसिक तनाव को देखते हुए एनटीए ने छात्रों को याद दिलाया है कि वे इस सफर में अकेले नहीं हैं। यदि दबाव महसूस हो रहा है, तो छात्र मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 'मानस' (MANAS - 14416) पर संपर्क कर सकते हैं, जहां हर समय मदद उपलब्ध है। एनटीए ने कहा कि मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि मजबूती की निशानी है।
एनटीए ने अपने संदेश में यह भी कहा कि 3 मई को लिया गया कठिन फैसला पूरी तरह से छात्रों के हित में था। जैसे ही समस्या की पहचान हुई, प्रत्येक सच्चे उम्मीदवार के लिए प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए गए। उन कमियों से सबक लेते हुए इस बार पूरी व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पुख्ता बनाया गया है।