एनएलयू छात्र प्रतिनिधियों ने क्लैट कंसोर्टियम से शुल्क सुधार पर पेंडिंग अभ्यावेदनों का जवाब देने का आग्रह किया
Saurabh Pandey | October 28, 2025 | 03:46 PM IST | 2 mins read
छात्रों ने अब तक कंसोर्टियम को तीन ज्ञापन प्रस्तुत किए हैं। नवंबर 2024 में प्रस्तुत पहले ज्ञापन में वित्तीय और प्रक्रियात्मक बाधाओं का विस्तृत विवरण दिया गया था।
नई दिल्ली : देश भर के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू) के छात्र प्रतिनिधियों ने CLAT शुल्क संरचना के संबंध में प्रस्तुत किए गए अभ्यावेदनों पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के संघ (क्लैट कंसोर्टियम) की ओर से किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया को नजरअंदाज करने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
छात्र संगठनों द्वारा अब तक संघ को तीन अभ्यावेदन प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें वर्तमान CLAT आवेदन और काउंसलिंग शुल्क संरचना में गंभीर मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। इन अभ्यावेदनों में इस बात पर जोर दिया गया है कि मौजूदा संरचना आर्थिक रूप से कमजोर और हाशिए पर पड़े पृष्ठभूमि के छात्रों पर असमान रूप से वित्तीय बोझ डालती है और इस प्रकार कानूनी शिक्षा तक समान पहुंच में बाधा डालती है।
छात्र प्रतिनिधियों द्वारा क्लैट कंसोर्टियम से शुल्क सुधार पर अभ्यावेदनों का प्रकार-
- 16 नवंबर, 2024 - पहले अभ्यावेदन में वर्तमान काउंसलिंग प्रणाली से उत्पन्न होने वाली वित्तीय और प्रक्रियात्मक बाधाओं, विशेष रूप से 20,000 रुपये के कंफर्मेशन शुल्क और 30,000 (आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए ₹20,000) के काउंसलिंग शुल्क का विस्तृत विवरण दिया गया।
- 28 जुलाई, 2025 - कंसोर्टियम, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई), और विधि एवं न्याय मंत्रालय को संयुक्त रूप से एक दूसरा अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें आवेदन शुल्क (सामान्य के लिए 4,000 और आरक्षित श्रेणी के आवेदकों के लिए 3,500) पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया और आवश्यकता-आधारित छूट और एक अधिक न्यायसंगत काउंसलिंग संरचना शुरू करने की सिफारिश की गई। इस अभ्यावेदन के साथ एक ऑनलाइन याचिका भी थी, जिसका समर्थन विधि शिक्षा समुदाय के 1,800 से अधिक हितधारकों ने किया।
- 2 सितंबर, 2025 - कंसोर्टियम की कार्यकारी समिति के साथ एक वर्चुअल बैठक के लिए एक औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया गया, जिसमें एनएलयू के नामित छात्र प्रतिनिधियों के साथ रचनात्मक बातचीत का प्रस्ताव रखा गया।
छात्र संगठनों में चिंता का विषय
इन बार-बार और पुष्ट संचारों के बावजूद, कंसोर्टियम ने आज तक कोई पावती या प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। इस निरंतर निष्क्रियता ने छात्र समुदाय में काफी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि ये अभ्यावेदन कानूनी शिक्षा में समानता, समावेशिता और सुलभता के मामलों से संबंधित हैं।
छात्र प्रतिनिधियों का संघ से आग्रह-
छात्र प्रतिनिधि संघ से आग्रह करते हैं कि - 16 नवंबर, 2024, 28 जुलाई, 2025 और 2 सितंबर, 2025 को प्रस्तुत किए गए अभ्यावेदनों को औपचारिक रूप से स्वीकार करें और उनका उत्तर दें। समानता और पारदर्शिता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए, शुल्क संरचना में संभावित सुधारों पर विचार-विमर्श करने के लिए छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक परामर्श प्रक्रिया शुरू करें।
क्रॉस-एनएलयू पहल भारत में सुलभ और समावेशी कानूनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है और आशा व्यक्त करती है कि कंसोर्टियम इन चिंताओं का समय पर और रचनात्मक तरीके से समाधान करेगा।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल