Santosh Kumar | June 13, 2024 | 11:28 AM IST | 3 mins read
एनटीए के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पुनर्परीक्षा के लिए आज ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। NEET UG Re-Exam Result 2024 30 जून तक घोषित किया जाएगा।
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नई दिल्ली: नीट 2024 परीक्षा को लेकर दायर याचिकाओं पर आज यानी 13 जून को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां नीट छात्रों को बड़ी जीत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि एनटीए ने ग्रेस मार्क्स हटाने के आपके अनुरोध को मान लिया है। एनटीए ने कहा कि 23 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं 1563 छात्रों को परीक्षा देनी होगी जिन्हें ग्रेस मार्क्स का लाभ मिला था।
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एनटीए के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दोबारा परीक्षा के लिए आज ही अधिसूचना जारी की जाएगी। NEET UG Re-Exam Result 2024 जून में ही घोषित किया जाएगा। ताकि जुलाई में शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रभावित न हो। एनटीए ने कहा है कि 30 जून तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एनटीए ने 1563 छात्रों को सिर्फ दो विकल्प दिए हैं, जिनके रिजल्ट में ग्रेस मार्क्स के बाद गड़बड़ी के आरोप लगे थे। एनटीए ने कहा कि ये अभ्यर्थी बिना ग्रेस मार्क्स के NEET UG Counselling 2024 में हिस्सा ले सकते हैं या फिर दोबारा नीट परीक्षा 2024 में शामिल हो सकते हैं। परीक्षा सिर्फ 6 केंद्रों पर शामिल हुए 1563 छात्रों के लिए दोबारा आयोजित होगी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि वह NEET-UG 2024 की काउंसलिंग नहीं रोकेगा। कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग जारी रहेगी और हम इसे नहीं रोकेंगे। परीक्षा होगी तो सब ठीक होगा, इसलिए डरने की कोई बात नहीं है।"
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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाश पीठ ने कहा, "इन अभ्यर्थियों को बिना किसी अतिरिक्त अंक के उनके वास्तविक अंक बता दिए जाएंगे। 1,563 प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुन: परीक्षा आयोजित की जाएगी। जो अभ्यर्थी पुन: परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उनके परिणाम उनके वास्तविक अंकों के आधार पर घोषित किए जाएंगे।"
सर्वोच्च न्यायालय ने तीन याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें एडटेक फर्म ‘फिजिक्स वाला सीईओ’ द्वारा दायर याचिका भी शामिल है, जिसमें ग्रेस मार्क्स देने, नीट यूजी पेपर लीक और अन्य आरोपों के खिलाफ याचिका दायर की गई है।
अधिवक्ता साई दीपक ने अदालत से अनुरोध किया कि उन उम्मीदवारों के लिए पोर्टल को फिर से खोलने का आदेश दिया जाए, जिन्होंने अदालत से संपर्क नहीं किया था, ताकि वे पुन: परीक्षा के लिए आवेदन कर सकें।
नीट यूजी 2024 विवाद 4 जून को परिणाम जारी होने के बाद शुरू हुआ जब 67 छात्रों ने पूरे 720 अंक हासिल किए। हरियाणा का फरीदाबाद खबरों में रहा क्योंकि एक ही केंद्र के 6 उम्मीदवारों ने 720 अंक हासिल किए थे, जिससे अनियमितताओं का संदेह पैदा हुआ था।
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में होने वाली 3 बड़ी परीक्षाएं- नीट, जेईई और सीयूईटी एनटीए ही कराएगी। जांच के बाद दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 11 जून को मामले की सुनवाई करते हुए नीट काउंसलिंग 2024 पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन मामले पर एनटीए से जवाब मांगा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि 'परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है।'
इनमें से एक याचिका एडटेक फर्म 'फिजिक्स वाला' के सीईओ द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने पहले कहा था कि उनकी जनहित याचिका में ग्रेस मार्क्स देने, एनटीए की पारदर्शिता, पेपर लीक और अन्य विवादों को चुनौती दी गई है।
दूसरी याचिका एसआईओ सदस्य अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और शेख रोशन मोहिउद्दीन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीट परिणाम में 720 में से 718 और 719 अंक 'सांख्यिकीय रूप से असंभव' हैं। तीसरी याचिका नीट के अभ्यर्थी जरीपति कार्तिक ने दायर की थी, जिसमें परीक्षा के दौरान समय की हानि के लिए अनुग्रह अंक को चुनौती दी गई थी।