NEET Scam 2024: नीट परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी; दूसरे प्रयास में अज्ञात केंद्रों से छात्रों की रैंक में उछाल
Santosh Kumar | June 25, 2024 | 05:02 PM IST | 3 mins read
विशेषज्ञों ने कहा कि नीट 2024 विवाद सिर्फ़ “स्थानीय” नहीं बल्कि “व्यापक” है। उन्होंने कहा कि एनटीए को सिस्टम पर “बारीकी से नज़र डालने” की ज़रूरत है।
Enrol in Aakash Institute's Re-NEET 2026 victory batch at Rs. 99 only. Batch starts 16th May 2026.
Enrol Nowनई दिल्ली: नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआई कर रही है। इस बीच सरकारी सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां उन छात्रों की सूची बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिन्होंने अस्पष्ट केंद्रों पर दूसरे प्रयास में अच्छे अंक हासिल किए और अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। दरअसल, पिछले सालों में देखा गया है कि नीट उम्मीदवारों की रैंक में पहले प्रयास के मुकाबले दूसरे प्रयास में भारी उछाल आया है। विशेषज्ञों के मुताबिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की आशंका है, जिसकी अब जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नीट 2022 में एक छात्रा की रैंक पहले प्रयास में 2 लाख थी, लेकिन दूसरे प्रयास में बढ़कर 8,000 हो गई। वर्तमान में यह उम्मीदवार मुंबई के LTMG सायन अस्पताल की छात्रा है। इसी तरह, 2022 की एक अन्य उम्मीदवार, जिसने 10 लाख से अधिक रैंक हासिल की थी, उसने अपने दूसरे प्रयास में लगभग 13,000 रैंक हासिल की। वह अब मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में पढ़ती है।
मेडिकल क्षेत्र के शिक्षाविदों ने इसे चौंकाने वाला बताया है। दोनों में एक बात समान थी कि दोनों ने दूसरी बार किसी अज्ञात केंद्र से परीक्षा दी थी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि ऐसे छात्रों की सूची तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने अज्ञात केंद्र से दूसरी बार अच्छे अंक प्राप्त किए हैं और अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
इस साल भी ऐसा ही मामला सामने आया जब अलग-अलग राज्यों के छात्रों ने गुजरात के गोधरा के एक स्कूल से परीक्षा देने का विकल्प चुना। इस घोटाले का पर्दाफाश करने वाली गुजरात पुलिस ने बताया कि छात्रों से उन सवालों के जवाब भरने को कहा गया जिन्हें वे जानते थे और बाकी सवालों के जवाब नहीं दिए गए।
NEET UG Paper Leak: उच्च रैंक के लिए मांगे रुपये
गोधरा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु सोलंकी ने कहा, “पर्यवेक्षकों को पेपर पैक करने के लिए जो आधे घंटे का समय मिलता है, उस दौरान केंद्र के उपाधीक्षक को खाली उत्तर-पत्र भरने होते हैं। उत्तर कुंजी कोचिंग संस्थानों द्वारा प्रदान की जानी थी, जो परीक्षा के बाद ऑनलाइन कुंजी उपलब्ध कराते हैं।” एक परामर्शदाता ने कहा कि पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि छात्र “समझौता किए गए” केंद्रों में कैसे आवंटित किए गए।
जब अभ्यर्थी अपना नीट यूजी आवेदन भरते हैं, तो उनसे परीक्षा केंद्रों के लिए दो शहरों के विकल्प देने की अपेक्षा की जाती है। अभिभावक प्रतिनिधि और काउंसलर सुधा शेनॉय ने कहा, "फरवरी में फॉर्म भरने से पहले, अभिभावकों ने मुझे एजेंटों के बारे में बताया, जिन्होंने कहा था कि वे अभ्यर्थियों के लिए फॉर्म भरेंगे और परीक्षा केंद्र शहरों से दूर होंगे।"
उन्होंने अभिभावकों को आश्वासन दिया था कि उनके बच्चे को 'उच्च' रैंक मिलेगी और 1 लाख रुपये एडवांस और 9 लाख रुपये परिणाम के बाद मांगे थे। मैंने उन्हें ऐसे किसी भी जाल में फंसने से रोका था, अभिभावक प्रतिनिधि और काउंसलर सुधा शेनॉय ने कहा।
NEET UG Controversy: परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी
शेनॉय ने सवाल किया, "अगर एनटीए कंप्यूटर के द्वारा परीक्षा केंद्र आवंटित करता है, तो भुगतान करने वाले छात्र समझौता किए गए परीक्षा केंद्रों तक कैसे पहुंच रहे हैं?" पिछले साल, एक निजी विश्वविद्यालय के प्रमुख ने देखा कि पहले साल के सबसे प्रतिभाशाली छात्र उन विषयों में असफल हो रहे थे, जिनमें उन्होंने विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था। जब उन्होंने इस पर बारीकी से गौर किया, तो उन्होंने पाया कि उनके कुछ परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी थी।
विश्वविद्यालय के प्रमुख ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “हमने जिस परीक्षा एजेंसी के साथ काम किया, उसे बदल दिया। हमें एहसास हुआ कि परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी थी।” विशेषज्ञों ने कहा कि नीट 2024 विवाद केवल “स्थानीय” नहीं है, बल्कि “बड़े पैमाने पर फैला हुआ” है। उन्होंने कहा कि NTA को सिस्टम को “बारीकी से देखने” की आवश्यकता है।
छात्र प्रतिनिधि और काउंसलर सचिन बांगर ने कहा, "छात्रों को उनकी कक्षा 10वीं, 12वीं की परीक्षा तिथियों और आधार कार्ड के पते के आधार पर परीक्षा केंद्र दिए जाने चाहिए। साथ ही, निगरानी के लिए सरकारी अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए। मतदान के दौरान की तरह, उन्हें परीक्षा से एक रात पहले उनकी ड्यूटी के बारे में भी सूचित किया जाना चाहिए।"
अगली खबर
]NEET Controversy: नीट विवादों के बीच छात्र चुन रहे हैं ये प्राइवेट कॉलेज, MBBS की फीस केवल ₹3000
इस साल नीट यूजी में 67 छात्रों ने टॉप किया है, लेकिन एम्स में एमबीबीएस की सामान्य श्रेणी में सिर्फ 48 सीटें हैं। ऐसे में कुछ छात्र प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज एम्स, नई दिल्ली को छोड़कर दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं।
Santosh Kumar | 3 mins readविशेष समाचार
]- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी