Abhay Pratap Singh | June 24, 2024 | 02:15 PM IST | 2 mins read
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ के. राधाकृष्णन के नेतृत्व में किया गया है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कामकाज की निगरानी को लेकर गठित की गई केंद्र की सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति आज सोमवार को बैठक करेगी। नीट और यूजीसी नेट परीक्षा 2024 विवाद के चलते शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए की समीक्षा के लिए एक सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।
समिति के नेतृत्व की जिम्मेदारी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन को सौंपी गई है। इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ के राधाकृष्णन के नेतृत्व में समिति अगले दो महीनों में शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस बीच, एनटीए ने उसकी वेबसाइट और सभी वेब पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा भी किया है।
हाई लेवल पैनल में एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया, आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एमेरिटस के राममूर्ति, आईआईटी-दिल्ली के डीन ऑफ स्टूडेंट मामलों के आदित्य मित्तल, पीपल स्ट्रॉन्ग के सह-संस्थापक व कर्मयोगी भारत बोर्ड के सदस्य पंकज बंसल, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बीजे राव और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल को शामिल किया गया है।
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समिति एनटीए के माध्यम से परीक्षाओं का पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा प्रक्रिया के सिस्टम में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की संरचना एवं कार्यप्रणाली पर सिफारिशें करेगा। समिति द्वारा जिन सुधारों की सिफारिश की गई है, उन्हें अगले परीक्षा सत्र से लागू किया जाएगा।
नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 5 मई 2024 को एनटीए द्वारा किया गया था। नीट परिणाम 2024 में 67 छात्रों द्वारा 720 में से 720 समान अंक हासिल करने के बाद पेपर में कथित अनियमितता के आरोप लगे थे। जिसे लेकर छात्रों, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
नीट कथित पेपर लीक विवाद के बीच नीट यूजी रिजल्ट 2024 में ग्रेस मार्क्स प्राप्त करने वाले 1,563 छात्रों के लिए 23 जून को नीट री-एग्जाम का आयोजन 7 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। नीट री-एग्जाम 2024 में कुल 813 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जबकि 750 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी। कथित पेपर लीक के चलते केंद्र ने नीट पीजी परीक्षा स्थगित व यूजीसी नेट परीक्षा रद्द कर दी।