Press Trust of India | July 28, 2026 | 07:28 AM IST | 2 mins read
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिगों को छोड़ दिया गया, जबकि शेष 355 लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए।

पटना: बिहार की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राज्यभर में हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज सभी मामले वापस लेगी और गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करेगी। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने बयान जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि ''26 जुलाई को शाम 6 बजे तक विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सरकार की ओर से कोई प्रतिकूल, दंडात्मक अथवा प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।''
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिगों को छोड़ दिया गया, जबकि शेष 355 लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए।
राज्य में 22 जुलाई को प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरव भी शामिल हैं, जिन्हें बिहार बंद से एक दिन पहले हिरासत में लिया गया था।
वहीं, बिहार बंद लागू कराने की कोशिश के आरोप में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को शनिवार शाम गिरफ्तार किया गया था। बयान में कहा गया कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी वापस ली जाए।
इस बयान के कुछ घंटे पहले, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से मुलाकात कर सभी मामले वापस लेने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग वाला ज्ञापन सौंपा।
नेहा बोरा नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों में शामिल थीं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बिहार में भी ''जंतर-मंतर जैसी व्यापक स्तर के'' प्रदर्शन हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने बोला है कि कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब भी बिहार सरकार सख्त रुख अपना रही है। भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने सरकार के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की।
आइसा भाकपा (माले) लिबरेशन की छात्र इकाई है। जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल रहे भट्टाचार्य ने बिहार गृह विभाग के बयान का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा, ''भाजपा की एक और वापसी, जनता की जीत।''
अभिजीत दीपके और उनके साथियों द्वारा शुरू कॉजपा का आंदोलन तब और व्यापक हो गया जब सोनम वांगचुक ने आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। बाद में विभिन्न छात्र संगठनों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया।