Press Trust of India | December 4, 2025 | 07:45 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि शिक्षा मंत्री को यह समझना चाहिए कि नीट ने मेरिट व्यवस्था को मजबूत नहीं किया है, बल्कि शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है।
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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने देश में कोचिंग प्रणाली पर सवाल उठाते हुए 4 दिसंबर को सरकार से चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट की पूरी तरह समीक्षा की मांग की है। टैगोर ने लोकसभा में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) ने मेरिट को बढ़ावा नहीं दिया है, बल्कि निजी कोचिंग संस्थानों को मजबूत करके और स्कूलों को कमजोर करके शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है।
तमिलनाडु के विरुधुनगर से सांसद ने कहा कि केंद्र की बनाई एक समिति ने देश में कोचिंग प्रणाली में कमियां पाई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की रिपोर्ट हैं कि एक केंद्रीय समिति ने जेईई, नीट और सीयूईटी कराने की सिफारिश की थी। तैयारी ग्यारहवीं कक्षा से ही शुरू हो जाती है। समिति ने कोचिंग के घंटे दो से तीन घंटे तक सीमित करने, साल में दो बार परीक्षा कराने और यहां तक कि बोर्ड एग्जाम का इस्तेमाल करके हाइब्रिड मूल्यांकन करने की भी सिफारिश की थी।’’
टैगोर ने मौजूदा प्रणाली को त्रुटिपूर्ण बताया, जिसमें सिर्फ ‘सिंगल स्टेक्स एग्जाम’ (परीक्षा के एक प्रयास) पर फोकस किया गया है, जिससे सिर्फ अमीरों, कोचिंग माफिया और ‘डमी’ स्कूलों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी स्कूल के बच्चे, गांव के विद्यार्थी, एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के बच्चे.... सभी को मौके से वंचित कर दिया गया है, प्रतिभा की कमी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि वे कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च नहीं कर सकते।’’
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा ने निजी शिक्षा जगत के लोगों को मजबूत किया है, जिससे स्कूल कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं नीट परीक्षा और समानता पर इसके असर की पूरी समीक्षा करने की मांग करता हूं। स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप भी होना चाहिए और कोचिंग गठजोड़ को खत्म करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।’’
टैगोर ने कहा कि शिक्षा मंत्री को यह समझना चाहिए कि नीट ने मेरिट व्यवस्था को मजबूत नहीं किया है, बल्कि शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है। इस बीच, सांगली के सांसद विशालदादा पाटिल ने स्कूली बच्चों पर पड़ रहे दबाव का मुद्दा उठाया
पाटिल ने कहा, ‘‘सेंट कोलंबस स्कूल के एक छात्र ने शिक्षकों के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। छात्रों की आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। मैं सरकार से इस मामले में दखल देने और इन लोगों को गिरफ्तार करने की अपील करता हूं।’’ पाटिल ने कहा, ‘‘शिक्षकों के लिए एक मिसाल कायम करनी होगी ताकि उन्हें पता हो कि अगर वे छात्रों को परेशान करते हैं या उन्हें चोट पहुंचाते हैं तो उन पर कार्रवाई होगी।’’