नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) में समस्या आधारित प्रश्नों के जरिए पेशे से संबंधित दक्षता का परीक्षण किया जाएगा। केवल सफल अभ्यर्थियों को ही प्रैक्टिस की अनुमति होगी।
Abhay Pratap Singh | January 31, 2024 | 12:04 PM IST
नई दिल्ली: देश के चिकित्सा संस्थानों से मेडिकल कोर्स करने वाले उम्मीदवारों के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट साल में दो बार फरवरी और अगस्त माह में नेक्स्ट आयोजित किया जाएगा। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) ने बताया कि नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) मेडिकल छात्रों के लिए लाइसेंस के रूप में काम करेगा।
नेशनल एग्जिट टेस्ट के माध्यम से मेडिकल प्रैक्टिशनर के रूप में अभ्यास के लिए मेडिकल स्टूडेंट को लाइसेंस दिया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय चिकित्सा प्रणाली के तहत पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर के रूप में राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर नामांकन भी कराने के लिए नेक्स्ट में सफल होना जरूरी होगा।
नेशनल एग्जिट एग्जाम उत्तीर्ण किए बिना कोई भी स्नातक मेडिकल छात्र आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा, यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी, सिद्ध चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा या सोवा रिग्पा मेडिसिन एवं सर्जरी में राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकन के लिए पात्र नहीं होंगे।
NExT परीक्षा में वही मेडिकल छात्र शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और सोवा-रिग्पा के स्नातक के साथ एक वर्ष की इंटर्नशिप पूरी कर ली है। इसके अलावा NExT आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि तक न्यूनतम 270 दिनों की इंटर्नशिप करने वाले इंटर्न भी आवेदन कर सकते हैं।
NExT परीक्षा में चिकित्सा नैतिकता के ज्ञान व आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा के विषयों से एक चिकित्सक के रूप में मेडिकल कानूनी समस्याओं को संभालने की क्षमता पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, एनसीआईएसएम को NExT परीक्षा लागू होने की तारीख से तीन साल के भीतर परीक्षा प्रक्रिया पूरी करानी होगी।