Maharashtra NMMS 2023-24: महाराष्ट्र एनएमएमएस स्कॉलरशिप चयन सूची nmmsmsce.in पर जारी
Saurabh Pandey | April 13, 2024 | 05:22 PM IST | 2 mins read
महाराष्ट्र एनएमएमएस के लिए 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों और 32 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया है।
नई दिल्ली : महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस 2023-24) के लिए चयन सूची जारी कर दी है। शिक्षा मंत्रालय ने महाराष्ट्र के लिए एनएमएमएस छात्रवृत्ति कोटा 11,682 निर्धारित किया है। जो छात्र महाराष्ट्र एनएमएमएस परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे आधिकारिक वेबसाइट nmms2024.nmmsmsce.in पर जाकर चयन सूची को चेक कर सकते हैं।
काउंसिल ने जानकारी दी है कि मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT) से दो प्रश्न, 69वें और 80वें प्रश्न को रद्द कर दिया गया है। महाराष्ट्र एनएमएमएस स्कॉलरशिप परीक्षा 24 दिसंबर को आयोजित की गई थी और एनएमएमएस महाराष्ट्र परिणाम और छात्रों द्वारा प्राप्त अंक 7 फरवरी को घोषित किए गए थे।
महाराष्ट्र एनएमएमएस के लिए 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों और 32 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया है। परिषद ने कहा है कि संबंधित संवर्ग के छात्रों का चयन महाराष्ट्र राज्य की आरक्षण नीति के अनुसार किया जाता है। साथ ही संबंधित संवर्गों में विकलांग व्यक्तियों के लिए 4% आरक्षण भी शामिल है।
पात्रता मानदंड
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने कक्षा 8 में नामांकित छात्रों की संख्या और 12 से 14 आयु वर्ग के छात्रों की संख्या के आधार पर जिलेवार कोटा तय किया है। योग्यता क्रम में सबसे पहले सामान्य वर्ग के छात्रों का चयन किया जाता है। इसके बाद शेष 9 पिछड़े वर्गों के पात्र छात्रों का चयन किया जाता है।
प्रत्येक संवर्ग में दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। जिसमें से, अंधता और कम दृष्टि (बीएलवी), बधिर और सुनने में कठिनाई (डीएच), लोकोमोटर विकलांगता (एलडी) के लिए प्रत्येक को 1% आरक्षण दिया जाता है; और प्रत्येक विकलांगता (एमडी) के लिए पहचाने गए पदों में ऑटिज्म, बौद्धिक विकलांगता, विशिष्ट सीखने की विकलांगता और मानसिक बीमारी (एआईडी) और बहरा अंधापन सहित कई विकलांगताओं के लिए अलग से 1% आवंटित किया जाता है। दिव्यांग कोटा के लिए, यदि 4% आरक्षण पूरा नहीं होता है, तो योग्यता के क्रम में अगली दिव्यांग श्रेणी के छात्रों पर विचार किया जाता है।
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