Santosh Kumar | September 2, 2026 | 01:41 PM IST | 2 mins read
माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 4.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन लिंक licindia.in पर सक्रिय है।

नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के गोल्डन जुबली फाउंडेशन ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए गोल्डन जुबली छात्रवृत्ति योजना 2026 की अधिसूचना जारी की है। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना है। एलआईसी गोल्डन जुबली स्कॉलरशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगी। यह छात्रवृत्ति 2 श्रेणियों में-सामान्य छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं/डिप्लोमा के बाद) और विशेष छात्रवृत्ति (कक्षा 10वीं के बाद, विशेष रूप से लड़कियों के लिए) के रूप में दी जाती है।
जनरल स्कॉलरशिप के तहत मेडिसिन (एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीडीएस) के छात्रों को सालाना 50,000 रुपये, इंजीनियरिंग (बीई, बीटेक, बीआर्क) के छात्रों को 40,000 रुपये की मदद दी जाती है।
वहीं ग्रेजुएशन, डिप्लोमा, आईटीआई और अन्य कोर्स के छात्रों को 20,000 रुपये मिलेंगे। विशेष छात्रवृत्ति के तहत इंटर, वोकेशनल या डिप्लोमा कोर्स के लिए सालाना 15,000 रुपये दिए जाएंगे। रकम दो किस्तों में बैंक खाते में भेजी जाएगी।
पात्रता मानदंड के अनुसार, सामान्य छात्रवृत्ति के लिए उम्मीदवारों को शैक्षणिक वर्ष 2023-24/2024-25/2025-26 में कक्षा 12वीं या समकक्ष परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक या समकक्ष सीजीपीए प्राप्त होना चाहिए।
साथ ही 2026-27 में मेडिसिन, इंजीनियरिंग, ग्रेजुएशन, डिप्लोमा या आईटीआई जैसे कोर्स में एडमिशन लिया हो। एलआईसी गोल्डन जुबली स्कॉलरशिप के तहत विशेष छात्रवृत्ति के लिए 10वीं कक्षा में 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।
दोनों ही मामलों में माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 4.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन लिंक एलआईसी की वेबसाइट licindia.in पर सक्रिय है।
आवेदन के बाद उम्मीदवार को दिए गए ईमेल पते पर पावती प्राप्त होगी। आगे पत्राचार संबंधित एलआईसी मंडल कार्यालय द्वारा किया जाएगा। सामान्य छात्रवृत्ति के लिए 80 और विशेष छात्रवृत्ति के लिए 40 विद्यार्थियों का चयन करेंगे।
बारह हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्रालय, आईआईटी परिषद और संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेएबी) से मांग की है कि जेईई-एडवांस्ड में शामिल होने के अवसरों की संख्या बढ़ाकर तीन की जाए या फिर दो प्रयासों की अनुमति तीन लगातार वर्षों में दी जाए।
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