Jamia Millia Islamia: जामिया को डिसेबिलिटी एजुकेशन प्रोग्राम्स में मिला ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का दर्जा

Abhay Pratap Singh | January 13, 2026 | 11:52 AM IST | 2 mins read

इन प्रोग्राम्स ने क्वालिफाइड स्पेशल एजुकेटर्स और प्रोफेशनल्स को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है, जो एजुकेशनल और रिहैबिलिटेशन सेटिंग्स में अलग-अलग तरह के दिव्यांगता समूहों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।

जेएमआई में डिपार्टमेंट ऑफ डिसेबिलिटी स्टडीज स्थापित करने के प्रस्ताव को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मंजूरी मिल गई है।

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के शिक्षक प्रशिक्षण एवं गैर-औपचारिक शिक्षा विभाग और मनोविज्ञान विभाग द्वारा पेश किए जाने वाले दिव्यांगता से संबंधित कार्यक्रमों (Disability Education Programmes) को भारतीय पुनर्वास परिषद से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की मान्यता मिली है। इन कार्यक्रमों को उनकी गुणवत्ता, गहराई, व्यावसायिक प्रासंगिकता और सामाजिक प्रभाव के लिए सराहा गया है।

टीचर ट्रेनिंग एंड नॉन-फॉर्मल एजुकेशन डिपार्टमेंट और साइकोलॉजी डिपार्टमेंट स्पेशल एजुकेशन में बीएड विशेष शिक्षा (अधिगम अक्षमता); बीएड विशेष शिक्षा (दृष्टिबाधित); एमएड विशेष शिक्षा (अधिगम अक्षमता); एमएड विशेष शिक्षा (दृष्टिबाधित) और चाइल्डहुड गाइडेंस एवं काउंसलिंग में एडवांस्ड डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं।

जामिया के वाइस-चांसलर प्रोफेसर मज़हर आसिफ ने कहा, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिलना जामिया में विकलांगता-केंद्रित शिक्षा, रिसर्च और ट्रेनिंग को संस्थागत बनाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने और उनके पुनर्वास में बहुत मददगार होगा, जो जामिया के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम है।”

Also read Jamia Schools Admission 2026-27: जामिया स्कूलों का एडमिशन प्रॉस्पेक्ट्स लॉन्च, ऑनलाइन आवेदन आज से शुरू

विश्वविद्यालय ने प्रेस विज्ञप्त में कहा, यह मान्यता महत्वपूर्ण है क्योंकि इन प्रोग्रामों के लिए अप्रूवल की अवधि मानक समय से ज्यादा बढ़ा दी गई है। पहले अप्रूवल आमतौर पर 5 साल के लिए दिए जाते थे, लेकिन वर्तमान अप्रूवल को अधिकतम 7 साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

इसी तरह, साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोग्राम, जिन्हें पहले सिर्फ तीन साल के लिए अप्रूवल मिला था, अब उन्हें चार साल और बढ़ा दिया गया है, जिससे ये प्रोग्राम बिना दोबारा अप्लाई किए या रिन्यू कराए बिना कुल सात एकेडमिक सालों तक संचालित किए जा सकेंगे।

इस मान्यता का एक नतीजा यह है कि संबंधित परिषदों ने इन प्रोग्राम्स के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा दी गई प्रोसेसिंग और अप्रूवल फीस को वापस करने की भी मंजूरी दे दी है। जेएमआई के वीसी प्रो आसिफ के नेतृत्व में डिपार्टमेंट ऑफ डिसेबिलिटी स्टडीज स्थापित करने के प्रस्ताव को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मंजूरी मिल गई है।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]