JEE Main Paper 1 Analysis 2024: जेईई मेन 29 जनवरी प्रथम पाली एनालिसिस, छात्रों को गणित और भौतिकी लगा कठिन
Abhay Pratap Singh | January 29, 2024 | 05:06 PM IST | 2 mins read
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 27 जनवरी 2024 को प्रथम शिफ्ट में आयोजित पेपर की तुलना में 29 जनवरी 2024 को पहली पाली में आयोजित पेपर की कठिनाई का स्तर बढ़ा दिया।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 27 जनवरी को सुबह की पाली में आयोजित पेपर की तुलना में 29 जनवरी 2024 को पहली पाली में आयोजित पेपर की कठिनाई का स्तर बढ़ा दिया है। इस पेपर में रसायन विज्ञान आसान से मध्यम स्तर का था, जबकि भौतिकी और गणित में कठिन और लंबे प्रश्न थे। कई छात्रों ने इसे मध्यम से कठिन पेपर माना है।
जेईई मेन परीक्षा 2024 पेपर 1 का आयोजन 27 जनवरी से 1 फरवरी 2024 तक किया जाएगा। पहली पाली में 29 जनवरी को आयोजित पेपर का एनालिसिस आकाश बायजू द्वारा जारी किया गया है। इस एनालिसिस में कुल मिलाकर औसत छात्रों को गणित और भौतिकी का भाग कठिन लगा। पेपर के कठिनाई का स्तर मध्यम से कठिन कहा जा सकता है।
रसायन विज्ञान- अधिकांश प्रश्न सैद्धांतिक थे, जिनमें कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन विज्ञान से सबसे अधिक प्रश्न पूछे गए थे। हाइड्रोकार्बन, परमाणु की संरचना, संतुलन और बायोमोलेक्युलस जैसे चैप्टर से भी प्रश्न पूछे गए थे। सभी चैप्टर का कवरेज एक समान था। लगभग सभी प्रश्न एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से ही संबंधित पूछे जाते हैं।
भौतिक विज्ञान- परीक्षा में शामिल हुए छात्रों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार, पेपर में भौतिकी विज्ञान का भाग मध्यम से कठिन स्तर का था। पेपर में थर्मोडायनामिक्स, सेमीकंडक्टर्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी, मॉडर्न फिजिक्स और मैग्नेटिज्म चैप्टर के प्रश्न पूछे गए। अधिकतर प्रश्न 12वीं कक्षा के सिलेबस से संबंधित थे। पिछले वर्ष के फिजिक्स पेपर की तुलना में इस पाली में फिजिक्स के प्रश्नों का स्तर काफी अच्छा था।
गणित- छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर गणित का पेपर मध्यम से कठिन स्तर का था। कैलकुलस के प्रश्न प्रमुख थे, उसके बाद वेक्टर एंड 3डी, मैट्रिक्स एंड डिटरमिनेंट का स्थान था। पेपर में प्रोबेबिलिटी (प्रायिकता) और बाइनोमियल थ्योरम (द्विपद प्रमेय) से भी प्रश्न पूछे गए थे। कक्षा 11वीं और 12वीं की तुलना में अधिकांश प्रश्न 12वीं के पाठ्यक्रम से ही पूछे गए थे।
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