Abhay Pratap Singh | March 5, 2024 | 07:50 PM IST | 2 mins read
एसडीजी (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) वैश्विक सम्मेलन के पहले दिन 6 मार्च को प्रथम सत्र में सुबह 11:30 बजे से ‘मानव विकास और इसके वित्तपोषण’ विषय पर बहस का आयोजन किया जाएगा।

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा 6 और 7 मार्च को ‘सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी): प्रगति चुनौतियां और आगे की राह’ थीम पर एक वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में प्रख्यात अर्थशास्त्री, नीति निर्माता व नागरिक समाज संगठन भाग लेंगे। यह कार्यक्रम भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य 2030 तक ग्लोबल साउथ के लिए एसडीजी प्राप्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में चुनौतियों का समाधान करना और भविष्य की कार्रवाई के लिए रणनीति बनाना है। एसडीजी में 17 परिवर्तनकारी लक्ष्यों का एक व्यापक सेट है, जिसमें 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय आयामों को शामिल किया गया है, वर्ष 2030 तक इसे हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व निदेशक पार्थ सेन और उप प्रमुख और वरिष्ठ आर्थिक मामलों के अधिकारी, यूएनईएससीएपी नई दिल्ली के डॉ. राजन सुदेश रत्न द्वारा भाषण भी दिया जाएगा। ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी सॉल्यूशंस (जीएलओएसएस) के अध्यक्ष उचिता डी जोयसा और जेएमआई के सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर मोहम्मद मुस्लिम खान मुख्य अतिथि होंगे।
एसडीजी सम्मेलन के पहले दिन 6 मार्च को प्रथम सत्र में सुबह 11:30 बजे ‘मानव विकास और इसके वित्तपोषण’ विषय पर बहस होगी। वहीं, दूसरा सत्र ‘जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और सतत विकास’ विषय पर केंद्रित होगा। इसके अलावा तीसरा सत्र 7 मार्च 2024 को सुबह 9 बजे से ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस सत्र का विषय ‘गरीबी, असमानता और विकास’ रहेगा।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आईडीएस कोलकाता के पूर्व निदेशक प्रोफेसर अचिन चक्रवर्ती, एरिजोना विश्वविद्यालय यूएसए के डॉ. तौहिदुर रहमान, जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर संतोष मेहरोत्रा, एनआईपीएफपी नई दिल्ली की प्रोफेसर आर कविता राव और यूएनएसडब्ल्यू ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रोफेसर नानक काकवानी समेत अन्य लोग शामिल होंगे।