Saurabh Pandey | November 6, 2026 | 08:51 AM IST | 2 mins read
इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा में विभिन्न ट्रेड्स में 400 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पात्रता मानदंड पूरा करने वाले उम्मीदवार अपना आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार (SDSC SHAR), श्रीहरिकोटा ने विभिन्न श्रेणियों में अप्रेंटिस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन रिक्तियों के लिए इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 'नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम' (NATS) पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं और 'UMANG' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 26 नवंबर 2026 है।
इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 400 विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों का चयन 12 महीने की अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग अवधि के लिए किया जाएगा। इसमें इंजीनियरिंग ग्रेजुएट, नॉन-इंजीनियरिंग ग्रेजुएट, तकनीशियन (डिप्लोमा), डिप्लोमा (DCCP), ट्रेड अप्रेंटिस और वोकेशनल अप्रेंटिस जैसी विभिन्न श्रेणियों में अप्रेंटिस पद उपलब्ध हैं।
इसरो द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इंजीनियरी ग्रेजुएट्स के लिए 50 पद, गैर-इंजीनियरी ग्रेजुएट्स (विज्ञान, वाणिज्य और कला) के लिए 60 पद, तकनीशियन (डिप्लोमा) के लिए 35 पद, और कमर्शियल एंड कंप्यूटर प्रैक्टिस (DCCP) के लिए 60 पद निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा, आईटीआई (ITI) धारकों के लिए ट्रेड अप्रेंटिस श्रेणी के अंतर्गत 180 पद तथा वोकेशनल अप्रेंटिस के 15 पद शामिल हैं। सभी श्रेणियों में अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
इसरो श्रीहरिकोटा में इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स अप्रेंटिस के उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में न्यूनतम 60% अंकों या (6.32 CGPA) के साथ प्रथम श्रेणी में डिग्री होनी चाहिए। जिसके लिए प्रति माह 12,300 का स्टाइपेंड तय किया गया है।
तकनीशियन अप्रेंटिस (डिप्लोमा) के लिए 60% अंकों के साथ संबंधित स्ट्रीम में डिप्लोमा होना अनिवार्य है और इन्हें 10,900 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। वहीं ट्रेड अप्रेंटिस और वोकेशनल अप्रेंटिस उम्मीदवारों को प्रतिमाह 9,600 का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
स्नातक एवं डिप्लोमा अप्रेंटिस पदों के लिए आवेदक का वर्ष 2022 या उसके बाद उत्तीर्ण होना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त शैक्षणिक अंकों की मेरिट सूची के आधार पर होगी, जिसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। ट्रेनिंग की अवधि अनुबंध से 12 महीने होगी।