IIT Roorkee: आईआईटी रुड़की और रेखी फाउंडेशन ने विज्ञान केंद्र से हैप्पीनेस के लिए एमओयू साइन किया
Abhay Pratap Singh | October 25, 2024 | 04:30 PM IST | 2 mins read
आईआईटी रुड़की में सेंटर फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस अकादमिक एवं भावनात्मक दोनों तरह की खुशहाली को बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए कई तरह के अवसर प्रदान करेगा।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT Roorkee) एवं रेखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस ने आईआईटी रुड़की में “हैप्पीनेस साइंस सेंटर” की स्थापना के माध्यम से आईआईटी रुड़की वेलनेस सेंटर की गतिविधियों को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य अनुसंधान, शिक्षा व खुशी एवं कल्याण के अभ्यास को बढ़ावा देना है।
इस समझौता ज्ञापन पर रेखी फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. सतिंदर सिंह रेखी और आईआईटी रुड़की के डीन प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श प्रो अक्षय द्विवेदी ने हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से छात्रों, कर्मचारियों और व्यापक समुदाय को काफी लाभ होगा।
विज्ञान केंद्र साइंस ऑफ हैप्पीनेस पर पाठ्यक्रम विकसित करने और वितरित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे छात्रों को सकारात्मकता, भावनात्मक मजबूती व उद्देश्य से समृद्ध जीवन जीने में सक्षम बनाया जा सके। यह व्यावहारिक समझ को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एक समर्पित माइंड लैब के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा के लिए संसाधन भी प्रदान करेगा।
रेखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस के संस्थापक डॉ. सतिंदर सिंह रेखी ने कहा, “रेखी फाउंडेशन में, हम दृढ़ता से मानते हैं कि खुशी एक विज्ञान है जिसे सीखा व अभ्यास किया जा सकता है। आईआईटी रुड़की के साथ हमारी साझेदारी छात्रों और कर्मचारियों को न केवल उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक कौशल बल्कि उनके आंतरिक कल्याण को भी विकसित करने में सक्षम बनाएगी। यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों के लिए आशा और सकारात्मकता की किरण बनेगा।”
Also read साइबर खतरों से बचाव के लिए IIT Roorkee में पावर सिस्टम साइबर सिक्योरिटी हैकथॉन का सफल
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो कमल किशोर पंत ने कहा, “आईआईटी रुड़की में, हम अपने वेलनेस सेंटर के तहत कई गतिविधियों के माध्यम से अपने छात्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। रेखी फाउंडेशन के सहयोग से सेंटर फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस की स्थापना करके, हम अकादमिक उत्कृष्टता के साथ भावनात्मक कल्याण को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।”
Centre for the Science of Happiness:
आईआईटी रुड़की में सेंटर फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस अकादमिक एवं भावनात्मक दोनों तरह की खुशहाली को बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए कई तरह के अवसर प्रदान करेगा। इनमें विशेष पाठ्यक्रम, अत्याधुनिक माइंड लैब में अनुभवात्मक शिक्षा एवं खुशी विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों तक सीधी पहुंच शामिल है।
रेखी फाउंडेशन के सहयोग से, केंद्र को एडवांस पाठ्यक्रम विकसित करने, शोध को बढ़ावा देने एवं आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण के उद्देश्य से वार्षिक वित्त पोषण प्राप्त होगा। वैश्विक जुड़ाव भी एक प्रमुख विशेषता होगी, जिसमें आभासी और व्यक्तिगत दोनों सत्रों में विश्व-प्रसिद्ध खुशी विशेषज्ञों की भागीदारी होगी, जो वास्तव में अंतरराष्ट्रीय सीखने का अनुभव सुनिश्चित करेगा।
IIT Roorkee and Rekhi Foundation Sign MoU:
अकादमिक उत्कृष्टता, शोध एवं सामुदायिक प्रभाव में अग्रणी के रूप में आईआईटी रुड़की मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण के महत्व को शैक्षिक अनुभव के अभिन्न अंग के रूप में पहचानता है। केंद्र का मिशन भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है, जो शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ भावनात्मक, मानसिक एवं शारीरिक कल्याण पर संतुलित ध्यान देने की वकालत करता है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी