IIT-GN: आईआईटी गांधीनगर ने डेटा-आधारित जलवायु जोखिम प्रबंधन के लिए ‘एआई रेजिलिएंस एंड कमांड’ केंद्र शुरू किया
Abhay Pratap Singh | February 5, 2026 | 05:47 PM IST | 2 mins read
यह केंद्र फिजिक्स-कंसिस्टेंट मॉडलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर शहरी प्रणालियों के लिए रियल-टाइम बाढ़ आकलन, विभिन्न परिदृश्यों का विश्लेषण और निर्णय सहायता प्रदान करेगा।
नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गांधीनगर (IIT Gandhinagar) ने 5 फरवरी को डेटा-आधारित जलवायु जोखिम प्रबंधन के लिए एआई रेजिलिएंस एंड कमांड (ARC) सेंटर की शुरुआत की है। एआरसी एआई रेजिलिएंस कमांड सेंटर का उद्देश्य ‘रेन टू रेजिलिएंस’ (बारिश से लचीलापन) विकसित करने की दिशा में विभिन्न पहलुओं को आपस में जोड़ना है।
इसके तहत बाढ़ का पूर्वानुमान, परिवहन और आवागमन पर पड़ने वाले प्रभावों तथा आपात स्थितियों में निर्णय लेने की व्यवस्था को एक साथ जोड़ा जाएगा। यह पहल भौतिकी-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फ्रेमवर्क पर आधारित होगी, जिससे जलवायु जोखिम प्रबंधन को अधिक सटीक, प्रभावी और डेटा-आधारित बनाया जा सकेगा। उद्घाटन समारोह में ऐरावत फाउंडेशन के सीईओ अमर नाथ, आईआईटी गांधीनगर के फैकल्टी, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स शामिल थे।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, पूर्वानुमान आधारित और समन्वित प्रतिक्रिया को सक्षम बनाकर यह एआई-संचालित केंद्र भारतीय शहरों को अधिक सुरक्षित बनाने, आजीविका की रक्षा करने और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने में प्रत्यक्ष योगदान देगा। साथ ही, यह ‘विकसित भारत 2047’ की व्यापक परिकल्पना को आगे बढ़ाने में भी सहायक होगा।
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आईआईटी गांधीनगर के डीन (एक्सटर्नल रिलेशंस) प्रो अमित प्रशांत ने कहा, “इस प्रोजेक्ट में शहरों के साथ ही उनमें रहने वाले समुदायों की सेवा करने की बहुत अधिक क्षमता है। पिछले साल इसके सफल कार्यान्वयन के बाद इसे वैश्विक स्तर पर सराहना मिली। लगातार मार्गदर्शन और सहयोग से हमारा ध्यान इस पहल को और मजबूत बनाने पर केंद्रित है।”
लॉन्च इवेंट के दौरान रिसर्च टीम ने दिखाया कि एआरसी सेंटर किस तरह फिजिक्स-कंसिस्टेंट मॉडलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक साथ जोड़कर रियल-टाइम बाढ़ आकलन, विभिन्न परिदृश्यों का विश्लेषण और शहरी प्रणालियों के लिए निर्णय सहायता प्रदान करेगा। इस सत्र को AICoE परियोजना तथा AIResQ ClimSols प्राइवेट लिमिटेड की टीमों का सहयोग मिला।
सतत शहरी विकास में पानी की अहम भूमिका पर जोर देते हुए आईआईटी गांधीनगर के AICoE - सस्टेनेबल सिटीज प्रोजेक्ट के अर्बन फ्लडिंग मॉड्यूल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर, प्रो उदित भाटिया ने कहा कि भारत और दुनिया भर के शहर अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हैं, लेकिन पानी एक ऐसा कॉमन फैक्टर है जो कई सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स से जुड़ा हुआ है।
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