AI-powered Research: आईआईटी दिल्ली और आईएएफ ने तकनीकी वस्त्रों पर एआई-संचालित रिसर्च के लिए एमओयू साइन किया
आईआईटी दिल्ली और हेड क्वार्टर मेंटेनेंस आईएएफ नागपुर के बीच इस साझेदारी से रक्षा प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता में योगदान मिलेगा।
Abhay Pratap Singh | October 3, 2024 | 11:59 AM IST
नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIT Delhi) और हेड क्वार्टर (HQ) मेंटेनेंस कमांड, इंडियन एयर फोर्स नागपुर ने विमानन वस्त्रों के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने पर सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। आईआईटी दिल्ली और आईएएफ नागपुर के एमओयू कार्यक्रम में एसोसिएट डीन प्रो राजेंद्र सिंह और ग्रुप कैप्टन प्रशांत पाठक उपस्थित रहे।
समझौता ज्ञापन के तहत आईआईटी दिल्ली और एचक्यू मेंटेनेंस, आईएएफ नागपुर विमानन ग्रेड वस्त्रों के क्षेत्र में स्वदेशीकरण के माध्यम से अप्रचलन प्रबंधन, आत्मनिर्भरता, अपग्रेडेशन और डिजिटलीकरण के क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देंगे।
आईआईटी दिल्ली के डीन (R&D) प्रो नरेश भटनागर और ग्रुप कैप्टन प्रशांत पाठक (कमांडिंग ऑफिसर 16 बीआरडी, एएफ) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान आईआईटी दिल्ली के टेक्सटाइल एंड फाइबर इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी प्रो आर अलागिरुसामी और आईआईटी दिल्ली के परियोजना समन्वयक प्रो बिपिन कुमार, ग्रुप कैप्टन असित कुमार (योजना एवं उत्पादन प्रमुख, 16 बीआरडी, वायुसेना) और विंग कमांडर अरुण मनोहर (गुणवत्ता आश्वासन प्रमुख, 16 बीआरडी, वायुसेना) उपस्थित रहे।
आईआईटी दिल्ली के वस्त्र एवं फाइबर इंजीनियरिंग विभाग के परियोजना समन्वयक प्रोफेसर बिपिन कुमार ने कहा कि आईआईटी दिल्ली और मुख्यालय मेंटेनेंस, आईएएफ नागपुर के बीच साझेदारी से रक्षा प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता में योगदान मिलने की उम्मीद है।
आईआईटी दिल्ली के एसोसिएट डीन (R&D) प्रोफेसर राजेंद्र सिंह ने भारतीय रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की बढ़ती मांग को संबोधित करते हुए इस साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विमानन-ग्रेड कपड़ा उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए अभिनव समाधान विकसित करने के लिए आईआईटी दिल्ली के एडवांस रिसर्च और भारतीय वायुसेना की व्यावहारिक विशेषज्ञता का लाभ उठाने की क्षमता पर प्रकाश डाला।
AI-powered Research on Technical Textiles: तकनीकी वस्त्रों पर एआई-पावर रिसर्च
ग्रुप कैप्टन प्रशांत पाठक, कमांडिंग ऑफिसर 16 बीआरडी, एएफ के अनुसार, सहयोग के लिए रुचि के कुछ क्षेत्रों में शामिल हैं:
- विभिन्न पैराशूट और सुरक्षा उपकरणों के लिए कच्चे माल का चयन (वस्त्र/फैब्रिक)।
- तकनीकी वस्त्र/फैब्रिक परीक्षण के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों/उपकरणों का विकास तथा पैराशूट और सुरक्षा उपकरणों से संबंधित उत्पाद डिजाइनों में शामिल करने के लिए नवीनतम मानक उपलब्ध कराना।
- कपड़ा/फैब्रिक कच्चे माल/तैयार उत्पादों की गुणवत्ता स्वीकृति जांच के लिए एआई/रोबोटिक्स या इमेजिंग प्रौद्योगिकियों को लागू करना।
- मरम्मत के लिए क्षेत्रीय इकाइयों से प्राप्त तैयार उत्पादों जैसे पायलट पैराशूट/ब्रेक पैराशूट या कार्गो पैराशूट कैनोपी, संबंधित हार्नेस और क्रू रिस्ट्रेन्ट सिस्टम आदि की मशीन लर्निंग आधारित इमेजिंग प्रौद्योगिकी का नवीनीकरण करना।
- डिजाइन एंड डेवलपमेंट, विश्वसनीयता अध्ययन, सिमुलेशन स्टडी, पैराशूट और संबंधित सहायक उपकरण का जीवन विस्तार अध्ययन करना है।
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