IIT Delhi - Abu Dhabi ने ऊर्जा और स्थिरता में पीएचडी प्रोग्राम किया शुरू; 31 दिसंबर तक करें आवेदन
Abhay Pratap Singh | December 17, 2024 | 12:45 PM IST | 2 mins read
आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी की ऑफिशियल वेबसाइट abudhabi.iitd.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने अबू धाबी में स्थित अपने नए अंतरराष्ट्रीय परिसर में पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। पीएचडी कार्यक्रम का पहला चरण जनवरी 2025 में शुरू होगा। इस प्रोग्राम का उद्देश्य ऊर्जा और स्थिरता (Energy and Sustainability) के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है।
ऊर्जा और स्थिरता में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन की आखिरी तिथि 31 दिसंबर, 2024 तय की गई है। पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार का आयोजन भी जल्द ही किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली अबू धाबी के पीएचडी प्रोग्राम के तहत चयनित उम्मीदवार जनवरी 2025 के अंतिम सप्ताह तक प्रवेश ले सकते हैं।
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईआईटी दिल्ली - अबू धाबी की ऑफिशियल वेबसाइट abudhabi.iitd.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, परियोजना विषय, चयन प्रक्रिया और आवेदन जमा करने के लिए पोर्टल विवरण https://abudhabi.iitd.ac.in/ph.d_admissions पर उपलब्ध है।
जनवरी 2025 सत्र के लिए प्रवेश पाने वाले आवेदकों के पहले समूह के लिए आवेदन शुल्क माफ कर दिया गया है। चयन प्रक्रिया में अर्हता प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों दोनों के लिए पूर्ण शिक्षण शुल्क में छूट के साथ मासिक छात्रवृत्ति उपलब्ध है।
अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता, योग्यता परीक्षा के अंक, संबंधित अनुभव और साक्षात्कार के आधार पर एक व्यापक चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। पीएचडी कार्यक्रम की शुरुआत जनवरी 2024 में ऊर्जा संक्रमण और स्थिरता में एमटेक तथा सितंबर 2024 में कंप्यूटर साइंड एंड इंजीनियरिंग और ऊर्जा इंजीनियरिंग में दो बीटेक कार्यक्रम के बाद की गई है।
Program Highlights: कार्यक्रम की मुख्य बातें
ऊर्जा और स्थिरता के क्षेत्र में पीएचडी कार्यक्रम नेटजीरो लक्ष्यों तक पहुंचने से संबंधित अत्याधुनिक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, टिकाऊ प्रक्रिया इंजीनियरिंग, डीकार्बोनाइजेशन, प्रक्रिया गहनता, माइक्रोग्रिड एवं उभरते ऊर्जा परिदृश्य में बिजली वितरण और ऊर्जा संक्रमण में सहायता के लिए एआई और डेटा विज्ञान के उपयोग पर शोध शामिल है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी
- Coaching Reforms: कक्षा 11 के स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं कराने की संभावना तलाश रहा केंद्र, अधिकारी ने दी जानकारी
- MP School News: मध्य प्रदेश में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3,660 करोड़ रुपये स्वीकृत, मंत्री ने की घोषणा
- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व
- Govt in Lok Sabha: केवीएस में 10,173 पद रिक्त; 2014 से भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का साल-वार विवरण जारी
- एसएमवीडीआईएमई में हिंदुओं के लिए आरक्षण और मुस्लिम छात्रों को स्थानांतरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
- IIM Indore Admission Guidelines 2026-28: आईआईएम इंदौर ने पीजीपी एडमिशन गाइडलाइंस जारी की, पात्रता मानदंड जानें