Santosh Kumar | August 27, 2026 | 10:21 AM IST | 1 min read
सुक्खू ने कहा कि सरकार मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध करा रही है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के दाखिला फॉर्म में जाति का कॉलम हटाने का निर्देश दिया है। सुक्खू ने बुधवार को यहां हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड (एचपीएससीडब्ल्यूबी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज से जाति आधारित भेदभाव खत्म करने तथा भाईचारे और समानता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि दाखिला फॉर्म से जाति का कॉलम हटाना इसी दिशा में एक कदम होगा। सुक्खू ने कहा कि एससी समुदाय के विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं और लाभों का फायदा उठाने के लिए जाति का विवरण देना जारी रखना होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और इनके लाभों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।
सुक्खू ने कहा कि सरकार मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध करा रही है। सरकार अत्यंत गरीब परिवारों के लिए 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' लागू करने जा रही है।
पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी। मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के तहत 1,105 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया है।
मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में उनके विभाग ने एससी-एसटी, ओबीसी, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 315 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
एचपी एसओएस डेट शीट उन सभी छात्रों के लिए है जिन्होंने कक्षा 8 (मिडिल स्टैंडर्ड), कक्षा 10 (सेकेंडरी) और कक्षा 12 (सीनियर सेकेंडरी) की सितंबर 2026 सत्र की परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। ये परीक्षाएं 17 सितंबर से आयोजित की जाएंगी।
Santosh Kumar