
जेईई मेन परीक्षा 13 भाषाओं यानी अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में आयोजित की जाएगी।
उत्तराखंड एनएमएमएस पंजीकरण के लिए आवेदक के माता-पिता या अभिभावकों की वार्षिक आय 3,50,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
जेईई मेन 2025 में बीटेक, बीआर्क और बीप्लान के लिए तीन अलग-अलग पेपर होंगे। इनमें से प्रत्येक पेपर के लिए प्रश्नों की कुल संख्या अलग-अलग होगी।