Saurabh Pandey | October 29, 2026 | 05:50 PM IST | 2 mins read
एनआईसी में डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप योजना के तहत आवेदन करने वाले पात्र छात्रों को हर महीने मिलेंगे 10,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके लिए बैच 1 दिसंबर से शुरू होगा।

नई दिल्ली : इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने 'डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप स्कीम' के तहत विंटर 2026 बैच के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। इस इंटर्नशिप का मुख्य उद्देश्य छात्रों को योग्य और अनुभवी मेंटर्स के मार्गदर्शन में प्रैक्टिकल कार्य अनुभव प्रदान करना और कक्षा में प्राप्त ज्ञान को प्रैक्टिकल रूप से लागू करने का अवसर देना है।
इच्छुक और पात्र छात्र केवल एनआईसी के आधिकारिक वेब पोर्टल dii.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय छात्रों को अपने संस्थान का सिफारिश पत्र, डिग्री/मार्कशीट, अधिकतम दो पसंदीदा विषय और 100 से 250 शब्दों का 'स्टेटमेंट ऑफ पर्पस' (SoP) अपलोड करना होगा।
इस योजना में मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालयों के बी.ई./बी.टेक (तीसरे वर्ष), एम.ई./एम.टेक/एम.एससी (सीएस/आईटी) (प्रथम वर्ष), एमसीए (द्वितीय वर्ष), और डीओईएसीसी 'बी' लेवल के छात्र आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों के अंतिम उत्तीर्ण परीक्षा में कम से कम 60% अंक होने आवश्यक हैं। जो छात्र अपने अंतिम सेमेस्टर में हैं या समर 2027 में पास आउट हो रहे हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगे।
एनआईसी विंटर इंटर्नशिप 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी, जिसकी न्यूनतम अवधि दो महीने होगी और प्रदर्शन तथा आवश्यकता के आधार पर इसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
एनआईसी विंटर इंटर्नशिप ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई/एमएल, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स, पायथन और वेब डेवलपमेंट जैसी 22 विभिन्न तकनीकों और क्षेत्रों में कुल 50 सीटों के लिए यह इंटर्नशिप एनआईसी मुख्यालय, नई दिल्ली और विभिन्न राज्य केंद्रों पर दी जाएगी।
इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने और मेंटर द्वारा कार्य प्रमाणित होने पर उम्मीदवारों को 10,000 रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जाएगा। रिपोर्ट जमा होने और स्वीकृति के बाद ही एनआईसी द्वारा इंटर्नशिप का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। रहने की व्यवस्था छात्रों को स्वयं करनी होगी।
इंटर्न को संबंधित समिति द्वारा शॉर्टलिस्ट और चयनित किया जाएगा। यदि कोई गलत जानकारी दी जाती है, जिसमें डिग्री/प्रमाणपत्र/प्राप्त अंक शामिल हैं, तो उम्मीदवारी को खारिज किया जा सकता है। इंटर्नशिप पूरी होने पर, और एनआईसी के ट्रेनिंग डिवीजन द्वारा हस्ताक्षरित एवं स्वीकृत रिपोर्ट जमा करने पर, एनआईसी द्वारा इंटर्न को प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे।
परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर उपलब्ध हैं, जहां उम्मीदवार सफल अभ्यर्थियों की सूची देख सकते हैं। ये परिणाम पूरी तरह से प्रोविजनल हैं। यूपी टीजीटी रिजल्ट पीडीएफ में सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर व नाम शामिल हैं।
Santosh Kumar