नीट एसएस 2021 अभ्यर्थियों को असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर समायोजन के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी, दिशानिर्देश जानें
Abhay Pratap Singh | September 10, 2025 | 04:38 PM IST | 2 mins read
नीट एसएस 2021 बैच के उम्मीदवारों को ऑल इंडिया एसएस रैंक के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से सहायक आचार्य के पद पर समायोजित किया जाएगा।
नई दिल्ली: चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश ने नीट एसएस 2021 (डीएम/एमसीएच) बैच के अभ्यर्थियों को अनिवार्य शासकीय सेवा बाण्ड के अंतर्गत सहायक आचार्य (Assistant Professor) के पद पर समायोजित किए जाने हेतु काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 16 सितंबर, 2025 से शुरू होगी।
असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर समायोजन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग में भाग लेने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट www.dgmeonlineposting.upsdc.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। नोटिस में कहा गया कि, नीट एसएस 2021 बैच के सभी पात्र अभ्यर्थियों को पंजीकरण कराते हुए काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य है।
आधिकारिक सूचना में कहा गया कि, उक्त काउंसलिंग हेतु मेरिट सूची, चॉइस फिलिंग, आवंटन परिणाम की घोषणा तथा आवंटित कॉलेज में योगदान विवरण प्रस्तुत करने के लिए समय सारिणी अलग से जारी की जाएगी।
DGME UP Assistant Professor 2025: काउंसलिंग शेड्यूल
नीचे सारणी में डीजीएमई यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर 2025 समायोजन के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जांच सकते हैं:
| क्रम संख्या | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 1 | ऑनलाइन पंजीकरण तिथि | 16 सितंबर, 2025 (सुबह 11:00 बजे) से 22 सितंबर, 2025 (सुबह 11:00 बजे) तक। |
| 2 | ऑनलाइन दस्तावेजों के सत्यापन की तिथि | 16 सितंबर, 2025 (सुबह 11:00 बजे) से 22 सितंबर, 2025 (दोपहर 2:00 बजे) तक। |
Also read SSC CGL 2025: एसएससी सीजीएल टियर-1 के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र आवंटित, 12 सितंबर से एग्जाम
UP Assistant Professor Bharti 2025: काउंसिलिंग के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश
- अनिवार्य शासकीय सेवा बाण्ड हेतु आयोजित की जाने वाली काउंसिलिंग में सहायक आचार्य के ईडब्लूएस श्रेणी के रिक्त पदों को अनारक्षित श्रेणी में सम्मिलित करते हुए आवंटन किया जाएगा।
- आरक्षण का लाभ केवल उत्तर प्रदेश राज्य के आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को ही दिया जाएगा। राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
- आरक्षण से संबंधित सभी प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप पर उत्तर प्रदेश के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ही मान्य होंगे।
- अन्य पिछडा वर्ग (OBC) का आरक्षण संबंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य शासकीय सेवा बाण्ड की काउंसलिंग प्रारम्भ होने की तिथि से 6 माह की अवधि के पहले के मान्य नहीं होंगे।
- आरक्षित वर्ग का लाभ लेने हेतु अभ्यर्थी द्वारा आनलाइन पंजीकरण के समय आरक्षित वर्ग से संबंधित प्रमाण पत्र अपलोड किया जाना अनिवार्य होगा।
- यदि किसी अभ्यर्थी का आरक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन के समय सुसंगत नहीं पाया गया, तो ऐसे अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा तथा अनारक्षित श्रेणी के अंतर्गत चॉइस फिलिंग मान्य नहीं होगी।
- वर्तमान में फैलोशिप/ पीडीसीसी अथवा अन्य समकक्ष पाठ्यक्रमों में इस कार्यालय से अनापत्ति प्राप्त कर अध्ययनरत हैं तथा सहायक आचार्य के नियमित /संविदा के पदों पर कार्यरत हैं, इस काउंसिलिंग के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी