Press Trust of India | August 31, 2026 | 04:32 PM IST | 1 min read
सूत्र ने बताया कि बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 27 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर के एक सरकारी स्कूल में 10 वर्षीय छात्रा को किताबें न लाने पर कथित रूप से धूप में खड़े होने की सजा दी गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने 31 अगस्त को यह जानकारी दी है।
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना 27 अगस्त को सर्वोदय कन्या विद्यालय में हुई। परिवार के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने पर स्कूल ने लड़की की मां अंजलि को बुलाया। अंजलि ने आरोप लगाया कि स्कूल पहुंचने पर उसने अपनी बेटी को धूप में खड़ा पाया और उसकी हालत खराब थी।
परिवार का आरोप है कि किताब न लाने पर शिक्षिका ने बच्ची को सजा दी थी। सूत्र ने बताया कि बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 27 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद, परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी भी मौके पर पहुंचे और कहा कि जांच की जाएगी और दोषी स्कूल कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्र ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।