Saurabh Pandey | August 29, 2026 | 06:48 PM IST | 2 mins read
बिहार सरकार ने छात्रों के मनोबल को बनाए रखने के लिए 10वीं और 12वीं की मार्कशीट से 'फेल' शब्द हटाने का फैसला किया है। अब अनुत्तीर्ण छात्रों के सर्टिफिकेट पर 'Eligible for Skills' लिखा जाएगा और कंपार्टमेंटल परीक्षा देने वालों के लिए एक महीने की विशेष कक्षाएं चलाई जाएंगी।

नई दिल्ली : बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों के मनोबल को बनाए रखने के उद्देश्य से शैक्षणिक परिणामों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य में अब मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की मार्कशीट पर 'फेल' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर छात्रों के प्रमाणपत्रों पर 'स्किल के लिए योग्य' (Eligible for Skills) लिखा जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी परीक्षा में मनमुताबिक या अपेक्षित अंक न मिलने से किसी बच्चे की क्षमता खत्म नहीं हो जाती है। इस फैसले को लागू करने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इसके लिए राज्य शिक्षा विभाग जल्द ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा।
यह घोषणा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विकास भवन के मदन मोहन प्रेक्षागृह में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में कम अंक आने का मतलब यह नहीं है कि छात्र की प्रतिभा समाप्त हो गई है, इसलिए प्रमाणपत्रों से 'फेल' जैसे हतोत्साहित करने वाले शब्दों को हटाया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मैट्रिक की कंपार्टमेंटल (पूरक) परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक महीने की विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है, ताकि वे अपनी सफलता की संभावनाओं को सुधार सकें।
बैठक के दौरान 5 सितंबर को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित होने वाले शिक्षक दिवस समारोह की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे और दोनों उपमुख्यमंत्री भी इसमें शामिल होंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री 'टीचर सपोर्ट पोर्टल' लॉन्च करेंगे। हर जिले से चुने गए एक-एक शिक्षक को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।