Ladakh New Domicile Rules: लद्दाख के लिए नई कोटा नीति घोषित, 85% नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित
Press Trust of India | June 3, 2025 | 10:44 PM IST | 2 mins read
अधिवास प्रमाण पत्र केवल लद्दाख लोक सेवा विकेंद्रीकरण और भर्ती (संशोधन) विनियमन, 2025 में परिभाषित लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के अंतर्गत पदों पर नियुक्ति के लिए मान्य होगा।
नई दिल्ली: सरकार ने 3 जून, 2025 (मंगलवार) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए नए आरक्षण और अधिवास नियम घोषित किए, जिसमें स्थानीय लोगों के लिए 85 प्रतिशत नौकरियां और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों में कुल सीट में से एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, भोटी और पुरगी भाषा को लद्दाख में आधिकारिक भाषा बनाया गया है।
सरकार द्वारा जारी की गई कई अधिसूचनाओं के अनुसार, नौकरियों तथा स्वायत्त परिषद में आरक्षण, अधिवास और भाषाओं से संबंधित नीतियों में किए गए बदलाव मंगलवार से प्रभावी हो जाएंगे।
अधिवास मानदंड -
नए नियमों के तहत, जो लोग केंद्र शासित प्रदेश में 15 साल की अवधि तक निवास कर चुके हैं या सात साल की अवधि तक अध्ययन कर चुके हैं और केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी शैक्षणिक संस्थान में कक्षा 10वीं या 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे केंद्र शासित प्रदेश के तहत किसी भी पद पर या ‘कैंटोनमेंट बोर्ड’ के अलावा किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के तहत नियुक्ति के प्रयोजनों के लिए लद्दाख के मूल निवासी होंगे।
केंद्र सरकार के अधिकारियों, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों, केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और स्वायत्त निकाय के अधिकारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वैधानिक निकायों के अधिकारियों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों के अधिकारियों, जिन्होंने 10 वर्षों की अवधि तक केंद्र शासित प्रदेश में सेवा की है, उनके बच्चे भी अधिवास के लिए पात्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत बना हुआ है।
महिला आरक्षण -
आधिकारिक राजपत्र में एक अन्य अधिसूचना में सरकार ने कहा कि लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम, 1997 के तहत परिषद की कुल सीट में से कम से कम एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और ऐसी सीट अलग-अलग क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों को बारी-बारी से आवंटित की जा सकती हैं।
लद्दाख में दो स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदें हैं - लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, लेह और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, कारगिल। अधिवास प्रमाण पत्र केवल लद्दाख लोक सेवा विकेंद्रीकरण और भर्ती (संशोधन) विनियमन, 2025 में परिभाषित लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के अंतर्गत पदों पर नियुक्ति के लिए मान्य होगा।
लद्दाख की आधिकारिक भाषा -
अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, भोटी और पुरगी को लद्दाख की आधिकारिक भाषा बनाने के अलावा, सरकार ने कहा कि अंग्रेजी का उपयोग संघ राज्य क्षेत्र के सभी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए किया जाता रहेगा, जिसके लिए इस विनियमन के लागू होने की तारीख से पहले इसका उपयोग किया जा रहा था।
केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन लद्दाख में अन्य भाषाओं के प्रचार और विकास के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने तथा कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की स्थापना के लिए भी आवश्यक कदम उठाएगा। लद्दाख की अन्य मूल भाषाओं जैसे शिना (दार्दिक), ब्रोक्सकट (दार्दिक), बल्ती और लद्दाखी के प्रचार और विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
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