Abhay Pratap Singh | February 22, 2024 | 06:51 PM IST | 1 min read
सीबीएसई द्वारा शुरुआत में ओपन बुक टेस्ट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लाया जाएगा। सफलता मिलने के बाद इसे सभी विद्यालयों में लागू कर दिया जाएगा।
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नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 9 से 12वीं तक ओपन बुक एग्जाम कराने की योजना बना रहा है। सीबीएसई ने ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) का प्रस्ताव रखा है, जो नवंबर माह या दिसंबर माह के शुरुआत में प्रयोगिक स्तर पर आयोजित की जा सकती है।
इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को परीक्षा हाल में नोट्स, किताबें व स्टडी मैटेरियल लाने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा के दौरान छात्र नोट्स और किताबों से उत्तर देखकर लिख सकेंगे। बताया गया कि ओपन बुक एग्जाम सिर्फ कक्षा 9, 10, 11 और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होगा।
नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) की सिफारिश के आधार पर सीबीएसई द्वारा ओपन बुक एग्जाम आयोजित करने का प्रस्ताव दिया गया है। बताया गया कि गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के लिए ओपन बुक टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। यदि यह सफल पाया गया तो, सभी विषयों के लिए सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
सीबीएसई द्वारा बताया गया कि शुरुआत में ओपन बुक टेस्ट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लाया जाएगा। हालांकि, रिजल्ट के आधार पर लिए गए निर्णय के अनुसार इसे आगे लागू किया जाएगा। संभावना जताई गई है कि ओपन बुक एग्जाम लागू होने पर परीक्षा पैटर्न में बदलाव भी किया जा सकता है।
ओपन बुक टेस्ट ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन माध्यम में भी आयोजित होगा। ऑनलाइन माध्यम से पेपर के दौरान छात्र नोटबुक व किताबों की मदद से प्रश्न हल कर सकेंगे। वहीं, समय समाप्त होने पर ऑटोमेटिक पोर्टल लॉग आउट हो जाएगा। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र यूनिवर्सिटी के विशेष पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
बिहार डीएलएड एंट्रेंस एग्जाम के लिए उम्मीदवार उच्च माध्यमिक (10+2) की परीक्षा कम से कम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की सीमा में 5 छूट दी जाएगी।
Abhay Pratap Singh