CBSE-NCB Drug Awareness Programme: सीबीएसई - एनसीबी ने संयुक्त रूप से नशा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया
Saurabh Pandey | October 24, 2025 | 06:44 PM IST | 2 mins read
जागरूरता कार्यक्रम में प्रारंभिक हस्तक्षेप, नशामुक्ति और पुनर्वास के लिए साझा रणनीतियों पर प्रकाश डालने वाली एक प्रस्तुति भी दी गई। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्रों और 25 शिक्षकों ने भाग लिया, जो नशा मुक्त स्कूल बनाने और सशक्त युवाओं को पोषित करने के साझा संकल्प को दर्शाता है।
नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित संस्कृति स्कूल में संयुक्त रूप से एक नशा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृति स्कूल की प्रधानाचार्या ऋचा शर्मा अग्निहोत्री ने मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने और स्वस्थ, जागरूक युवाओं के पोषण में स्कूलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की।
एनसीबी के उप निदेशक, आईआरएस डॉ. अनीस सी. ने अपने संबोधन में नशीली दवाओं के खतरे से निपटने में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
डॉ. अनीस ने स्कूल समुदाय को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी से संबंधित जानकारी प्रदान करने और सहायता प्राप्त करने के लिए एनसीबी मानस हेल्पलाइन (1933) को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
सीबीएसई के सहायक प्रोफेसर और संयुक्त निदेशक ने बोर्ड की प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिनमें सीबीएसई-एनसीबी समझौता ज्ञापन, काउंसलिंग केंद्र और स्पोक मॉडल, पेरेंटिंग कैलेंडर, करियर मार्गदर्शन डैशबोर्ड और सीबीएसई-एम्स मेट कार्यक्रम शामिल हैं, जो सभी मनोसामाजिक कल्याण और समग्र छात्र विकास को मजबूत करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
जागरूरता कार्यक्रम में प्रारंभिक हस्तक्षेप, नशामुक्ति और पुनर्वास के लिए साझा रणनीतियों पर प्रकाश डालने वाली एक प्रस्तुति भी दी गई। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्रों और 25 शिक्षकों ने भाग लिया, जो नशा मुक्त स्कूल बनाने और सशक्त युवाओं को पोषित करने के साझा संकल्प को दर्शाता है।
नुक्कड़ नाटक में नशा विरोधी सशक्त संदेश
एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक ने नशा विरोधी सशक्त संदेश दिए, सामूहिक सतर्कता और जागरूकता और नशे को ना, जीवन को हां और सपनों को हां कहने के महत्व पर बल दिया।
यह पहल सीबीएसई और एनसीबी द्वारा मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम को शिक्षा प्रणाली में एकीकृत करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इस कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त जीवन की शपथ के साथ हुआ, जो एक स्वस्थ, सतर्क और लचीले समाज के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल