बिहार बोर्ड ने इस वर्ष 10वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी 2025 तक दो पालियों में आयोजित की थीं। बोर्ड ने लगातार 7वें वर्ष सबसे पहले रिजल्ट जारी कर दिया है।
Saurabh Pandey | March 29, 2025 | 03:32 PM IST
नई दिल्ली : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। यदि कोई विद्यार्थी अपने किसी एक विषय या किसी भी विषय के प्राप्तांक से संतुष्ट नहीं हैं, तो उनके लिए समिति द्वारा स्क्रूटिनी का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
ऐसे विद्यार्थी अपने संबंधित विषय की उत्तरपुस्तिका के स्क्रूटिनी के लिए 4 अप्रैल 2025 से 12 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना विज्ञप्ति के माध्यम से बाद में दी जाएगी।
विद्यार्थी बिहार मैट्रिक विशेष परीक्षा, 2025 एवं मैट्रिक कम्पार्टमेंटल परीक्षा, 2025 के लिए ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म 4 अप्रैल 2025 से 12 अप्रैल 2025 तक भर सकते हैं। इस संबंध में भी विस्तृत सूचना विज्ञप्ति के माध्यम से बाद में दी जाएगी।
समिति द्वारा इन परीक्षाओं का परीक्षाफल 31 मई, 2025 तक जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कि इस परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों का एक वर्ष खराब नहीं हो और वे इसी सत्र में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए शिक्षण संस्थानों में नामांकन ले सकें।
इस साल बिहार बोर्ड ने टॉपर्स को मिलने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना कर दिया है। इस बार टॉपर को 2 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि पहले यह इनाम 1 लाख रुपये था। दूसरे स्थान पर आने वाले छात्र को 1.50 लाख रुपये मिलेंगे, जो पहले 75 हजार रुपये था। तीसरे स्थान के छात्र को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि पहले यह इनाम 50 हजार रुपये था। वहीं, चौथे से लेकर दसवें स्थान तक के अव्वल छात्रों को 20 हजार रुपये मिलेंगे, जो पहले केवल 10 हजार रुपये तक था।
बिहार बोर्ड मैट्रिक (10वीं) रिजल्ट में संयुक्त रूप से तीन विद्यार्थियों ने टॉप किया है। इसमें समस्तीपुर की साक्षी कुमारी, भोजपुर के रंजन वर्मा और पश्विम चंपारण की अंशु कुमारी ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। तीनों के 489 मार्क्स ( 97.8 फीसदी) हैं।
समिति द्वारा टॉप 10 विद्यार्थियों को "बिहार विद्यालय परीक्षा समिति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति" की राशि में भी वर्ष 2025 से बढ़ोत्तरी की जाएगी। इस प्रकार, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2025 में प्रथम 10 रैंक तक स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1,200 रुपये की बजाय प्रतिमाह 2 हजार रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दिया जाएगा।