BPSC Exam Protest: बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को किया गया गिरफ्तार
Press Trust of India | January 6, 2025 | 10:51 AM IST | 2 mins read
अभ्यर्थी बीपीएसपी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में किशोर ने 2 जनवरी को आमरण अनशन शुरू किया था।
नई दिल्ली: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके समर्थकों को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया।
उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर प्रतिबंधित क्षेत्र के पास प्रदर्शन कर रहे थे और इस तरह से उनका प्रदर्शन ‘‘गैरकानूनी’’ था। बीपीएसपी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित की गई परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के विरोध में किशोर ने दो जनवरी को आमरण अनशन शुरू किया था और अनशन के पांचवें दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया।
जन सुराज पार्टी के समर्थकों के अनुसार, पुलिस किशोर को उनकी मेडिकल जांच के लिए पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले गई। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हां, गांधी मैदान में धरने पर बैठे किशोर और उनके समर्थकों को पुलिस ने सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अब अदालत में पेश किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि उनका धरना ‘‘गैरकानूनी’’ था क्योंकि वे प्रतिबंधित स्थल के पास धरना दे रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘संबंधित अधिकारियों द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद, वे वहां से नहीं हटे। जिला प्रशासन ने धरना राज्य की राजधानी के गर्दनीबाग इलाके में स्थानांतरित करने के लिए उन्हें नोटिस भी दिया गया था, जो विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल है।’’
जिला प्रशासन ने एक बयान जारी कर दावा किया कि ‘‘किशोर बिल्कुल ठीक हैं’’। गिरफ्तारी के तुरंत बाद किशोर को मेडिकल जांच के लिए स्थानीय एम्स ले जाया गया। जब किशोर को एंबुलेंस में एम्स से बाहर ले जाया जा रहा था, उस दौरान उनके समर्थकों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम करने की कोशिश की।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘एम्स के बाहर इकट्ठा हुए किशोर के समर्थक यातायात को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।’’ अभ्यर्थी, बीपीएसपी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित की गई परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के समर्थन में किशोर ने दो जनवरी को आमरण अनशन शुरू किया था। हालांकि, बीपीएससी ने 13 दिसंबर की परीक्षा में शामिल हुए कुछ छात्रों के एक समूह को फिर से परीक्षा देने का आदेश दिया था। पटना में 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा हुई।
जानकारी के मुताबिक, कुल 12,012 अभ्यर्थियों में से 8,111 ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिए थे। हालांकि, शनिवार को पुन:परीक्षा में 5,943 छात्र ही शामिल हुए। बीपीएससी ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि पुन:परीक्षा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से हुई और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है।
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