Santosh Kumar | July 27, 2026 | 02:14 PM IST | 2 mins read
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। विधेयक पर किसी विपक्षी सदस्य ने इस पर अपनी बात नहीं रखी।

नई दिल्ली: सरकार ने लोकसभा में प्रश्न पत्र लीक के खिलाफ़ कड़े प्रावधानों वाला एक संशोधन बिल पेश किया। इस दौरान, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ़ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया। विपक्ष के सदस्यों की नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही एक बार स्थगित करनी पड़ी और फिर इसे दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के सदस्य 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही और जवाब की मांग करते हुए हंगामा कर रहे थे।
लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच ही कई आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे गए।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। विधेयक पर किसी विपक्षी सदस्य ने इस पर अपनी बात नहीं रखी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ''विधेयक से सदन और देश की मंशा पर व्यापक चर्चा होगी। सभी अपने मत व्यक्त करें ताकि हम बात कर सकें कि किस तरह से इसके माध्यम से पेपर लीक को रोकने का समुचित कदम उठा सकते हैं।''
उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ''मैं इस पर पर्याप्त समय दूंगा। इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन का सहयोग करें।'' हंगामा नहीं थमने पर ओम बिरला ने दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।"
विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित इस विधेयक में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। कोर्ट को 3 महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।
इससे पहले, प्रात: 11 बजे कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी और आज भी प्रश्नकाल नहीं चल सका।
बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
मोदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि सरकार कार्यबल के सुझावों को लागू करेगी, जिससे यह पक्का होगा कि परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद हो और प्रौद्योगिकी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करके उसमें पारदर्शिता लाई जा सके।
Santosh Kumar