Press Trust of India | October 4, 2026 | 02:20 PM IST | 2 mins read
शनिवार शाम स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब एमएम हॉल के एक छात्रावास से पुलिस द्वारा चार छात्रों को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर प्रॉक्टर कार्यालय में घुसने की कोशिश की।

नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों द्वारा परिसर के चारों प्रवेश द्वार बंद किए जाने के बाद तनाव बढ़ गया। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम बंद किए गए प्रवेश द्वारों को विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने रविवार सुबह फिर से खोल दिया।
शनिवार शाम स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब एमएम हॉल के एक छात्रावास से पुलिस द्वारा चार छात्रों को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर प्रॉक्टर कार्यालय में घुसने की कोशिश की। एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नवेद खान ने कहा कि पुलिस ने छात्रावास में कुछ बाहरी लोगों के ठहरे होने की सूचना के आधार पर वहां छापा मारा था।
खान ने कहा, “उनमें से तीन इसी शिक्षण संस्थान के छात्र थे, जबकि चौथा बाहरी व्यक्ति था, जिसके दस्तावेज संदिग्ध थे और पहले के एक मामले में वांछित था।” उन्होंने बताया कि तीन छात्रों को छोड़ दिया गया, जबकि चौथे को हिरासत में लेकर बाद में जेल भेज दिया गया। खान ने इस आरोप को खारिज किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी प्रदर्शन को दबाने करने के लिए पुलिस से छात्रों को हिरासत में लेने को कहा था।
उन्होंने इस दावे को “पूरी तरह झूठा” बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिसर की अशांत स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे कथित आपराधिक तत्वों की मौजूदगी के संबंध में मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। छात्र यासिर फहाद के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताए जाने के बाद भी तनाव बढ़ गया। वह छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर पिछले 12 दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को छात्र संघ चुनाव की छात्रों की मांग का समर्थन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रदर्शनकारियों के साथ तत्काल बातचीत शुरू करने का आग्रह किया।
एएमयू में सात वर्षों से छात्र संघ के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। एएमयू शिक्षक संघ के सचिव अशरफ मतीन ने कुलपति नईमा खातून को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय कोर्ट, कार्यकारिणी परिषद और अकादमिक परिषद में शिक्षक प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।