AISHE Report: शिक्षा मंत्रालय ने जारी की उच्च शिक्षा एआईएसएचई रिपोर्ट, 2014-15 की तुलना में बढ़ा 26.5% पंजीयन
Santosh Kumar | January 27, 2024 | 03:11 PM IST | 2 mins read
यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदीश कुमार ने उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (एआईएसएचई) रिपोर्ट 2021-22 को लेकर खुशी जाहीर की।
नई दिल्ली: भारतीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2021-2022 की रिपोर्ट जारी की गई है। जिसके मुताबिक, पिछले वर्षों में देश में शिक्षा के क्षेत्र में नामांकन, शिक्षक, बुनियादी ढांचे आदि की जानकारी दी गई है। एमओई ने रिपोर्ट के जरिए आंकड़े पेश किए हैं, जिसके मुताबिक उच्च शिक्षा में नामांकन की संख्या 2020-21 में 4.14 करोड़ से बढ़कर 2021-22 में 4.33 करोड़ हो गई है।
2014-15 में सर्वेक्षण के तहत नामांकन की संख्या 3.43 करोड़ थी, जिसमें 1.57 महिला नामांकन थे। 2014-15 के मुताबिक 2021-22 में महिला नामांकन की संख्या बढ़कर 2.07 करोड़ हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि उच्च शिक्षा में नामांकन 2014-15 में 3.42 करोड़ (26.5%) से बढ़कर लगभग 91 लाख की वृद्धि हुई है। अनुसूचित जाति की छात्राओं के नामांकन में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पहली बार सात में से पांच पाठ्यक्रमों में महिलाएं पुरुषों से आगे रहीं।
यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदीश कुमार ने उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (एआईएसएचई) रिपोर्ट 2021-22 को लेकर खुशी जाहीर की। उन्होने कहा, "मुझे भारतीय उच्च शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति देखकर खुशी हुई है। यह रिपोर्ट केवल एक डेटा नहीं है यह भारतीय शैक्षणिक क्षेत्रों में समावेशिता, अवसर और प्रगति की कहानी को दर्शाता है।"
जगदीश कुमार ने लैंगिक असमानता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यूजीसी का उद्देश्य सामाजिक रूढ़ियों को खत्म करना, इन क्षेत्रों में रोल मॉडल को बढ़ावा देना और युवा महिलाओं के उत्थान के लिए माहौल बनाना है। उन्होंने कहा कि पीएचडी नामांकन में 81.2% की वृद्धि, महिला छात्रों के बीच 107% की भारी वृद्धि के साथ, भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि है।
अल्पसंख्यक समुदायों के नामांकन में वृद्धि
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अल्पसंख्यक समुदायों के नामांकन में भी वृद्धि देखी गई है। उच्च शिक्षण संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रों की कुल संख्या में 38% की वृद्धि हुई है, जबकि अल्पसंख्यकों से संबंधित महिला छात्रों की कुल संख्या में भी 42.3% की वृद्धि हुई है।
एआईएसएचई (AISHE Report) रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति के छात्रों का नामांकन 2020-21 में 58.95 लाख से बढ़कर 2021-22 में 66.23 लाख हो गया है। पिछले 5 वर्षों के दौरान (यानी 2017-18 से) एससी नामांकन में 25.4% की वृद्धि हुई है। एससी छात्र नामांकन में कुल वृद्धि 2014-15 से 44% है।
उच्च शिक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या
विदेशी छात्रों की संख्या की बात करें तो 2021-22 में उच्च शिक्षा में नामांकित विदेशी छात्रों की कुल संख्या 46,878 है। इनमें से ज्यादातर नेपाल (28%), अफगानिस्तान (6.7%), अमेरिका (6.2%), बांग्लादेश (5.6%), अमेरिका (4.9%) और भूटान से हैं।
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