World Pharmacist Day: 25 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व फार्मासिस्ट दिवस? जानें इतिहास, थीम, महत्व
Santosh Kumar | September 25, 2024 | 12:19 PM IST | 2 mins read
अधिकांश देशों में, फार्मासिस्ट दवाइयों और उपचारों के बारे में सलाह लेने वाले कई रोगियों के लिए संपर्क का पहला बिंदु बने हुए हैं।
नई दिल्ली: विश्व फार्मासिस्ट दिवस हर साल 25 सितंबर को फार्मासिस्टों के योगदान को मान्यता देने और समाज में उनकी भूमिका को समझने के लिए मनाया जाता है। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पहली बार साल 2009 में मनाया गया था। इस दिन को मनाने की मांग इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) ने वर्ष 2000 में इस्तांबुल में आयोजित सम्मेलन में की थी। इस लेख के माध्यम से हम विश्व फार्मासिस्ट दिवस के इतिहास, इस वर्ष की थीम और महत्व के बारे में जानेंगे।
दरअसल, वर्ष 1912 में 25 सितंबर के दिन ही अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) का गठन किया गया था। इसके बाद वर्ष 2009 में FIP परिषद ने फार्मासिस्टों के बारे में लोगों की समझ बढ़ाने के उद्देश्य से तुर्की के इस्तांबुल में एक सम्मेलन के दौरान विश्व फार्मासिस्ट दिवस को औपचारिक रूप से मान्यता दी गई।
World Pharmacist Day 2024 Theme: इस वर्ष की थीम
फार्मासिस्ट दिवस पर हर व्यक्ति को उचित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में फार्मासिस्टों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया जाता है। इस खास दिन पर फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है।
इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम "फार्मासिस्ट: मीटिंग ग्लोबल हेल्थ नीड्स" है। यह थीम वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है, जिसमें दवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने से लेकर स्वास्थ्य शिक्षा और सहायता प्रदान करना शामिल है।
Also read CG Pharmacy 2024: सीजी फार्मेसी पंजीकरण 30 सितंबर के बाद ऑनलाइन होगा शुरू
World Pharmacist Day 2024: फार्मासिस्ट दिवस का महत्व
अधिकांश देशों में, फार्मासिस्ट दवाइयों और उपचारों के बारे में सलाह लेने वाले कई रोगियों के लिए संपर्क का पहला बिंदु बने हुए हैं। फार्मासिस्ट चिकित्सा विशेषज्ञों और रोगियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो दवाओं के उचित उपयोग में मदद करते हैं और स्वास्थ्य संबंधी सलाह देते हैं।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस फार्मासिस्टों की भूमिका और समाज में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। फार्मासिस्ट स्थानीय समुदायों में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करते हैं, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
यह दिन फार्मासिस्टों को अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है ताकि वे अपने काम में और अधिक प्रभावी बन सकें। फार्मासिस्ट मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं को समझते हैं और बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनका उचित मार्गदर्शन करते हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग