Press Trust of India | September 16, 2026 | 04:52 PM IST | 1 min read
युवा कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने एक बयान में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 15,012 शिक्षक पदों पर रिक्तियों की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि 5 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जारी की गई रिक्तियों की संख्या वास्तविक रिक्त पदों की तुलना में कम है।

नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस ने 16 सितंबर को राज्य सरकार से आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के “दो-तीन लाख और रिक्त पदों” को भरने के लिए तत्काल अधिसूचना जारी की जाए तथा आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को तीन से पांच वर्ष छूट प्रदान की जाए।
युवा कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने एक बयान में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 15,012 शिक्षक पदों पर रिक्तियों की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि 5 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जारी की गई रिक्तियों की संख्या वास्तविक रिक्त पदों की तुलना में कम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और बुनियादी शिक्षा तंत्र में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सभी वास्तविक रिक्त पदों को भरने की जरूरत है। शर्मा ने कहा कि यूपीईएसएससी के गठन में हुई देरी के कारण जिन योग्य टीईटी और सीटीईटी अभ्यर्थियों ने अधिकतम आयु सीमा पार कर ली है, उन्हें तीन से पांच वर्ष की एकमुश्त छूट दी जानी चाहिए।
युवा कांग्रेस के प्रभारी ने आगामी दिसंबर में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और पेपर लीक से मुक्त कराने के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री से लिखित और स्पष्ट गारंटी देने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता या पेपर लीक होने पर दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। शर्मा ने कहा, “हम उत्तर प्रदेश के युवाओं के न्यायपूर्ण, समयबद्ध और पारदर्शी रोजगार के अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”