Saurabh Pandey | February 12, 2026 | 05:42 PM IST | 2 mins read
यूपीएससी की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 के लिए आवेदन विंडो बंद होने के बाद उम्मीदवारों को तीन दिनों की सुधार विंडो प्रदान की जाएगी।

नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परीक्षा, 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को आवेदन पत्रों में हुई गलतियों को सुधारने के लिए तीन दिवसीय सुधार विंडो खोलने की घोषणा की है। इस सुधार विंडो के माध्यम से उम्मीदवारों को अपने विवरण संपादित करने का अवसर मिलेगा।
यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने सुधार विंडो के बारे में बात करते हुए कहा कि आयोग आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और उम्मीदवार-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि पोर्टल अंतिम सबमिशन से पहले कई जांचों को शामिल करता है।
तीन दिवसीय सुधार विंडो ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बंद होने के बाद खुलेगी। स्वीकार्य सुधारों की सटीक तिथियों और दायरे के संबंध में विस्तृत निर्देश आयोग की वेबसाइट पर समय रहते अधिसूचित किए जाएंगे।
बता दें कि यूपीएससी ने एक नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 28 मई 2025 को लॉन्च किया था, जिसने पूर्व के वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) मॉड्यूल का स्थान लिया। सिविल सेवा परीक्षा, 2026 और भारतीय वन सेवा परीक्षा, 2026 के लिए आवेदन इस पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं।
यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार, आवेदकों को हाल की एक तस्वीर अपलोड करनी होगी और साथ ही सीएएफ भरते समय वेबकैम या मोबाइल क्यूआर के माध्यम से एक लाइव तस्वीर भी खींचनी होगी। लाइव तस्वीर स्पष्ट, अच्छी रोशनी वाली और अपलोड की गई तस्वीर से मेल खानी चाहिए; किसी भी प्रकार की विसंगति आवेदन अस्वीकृति का कारण बन सकती है।
यूपीएससी अधिसूचना के अनुसार, सुरक्षित और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, सभी उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल पर अनिवार्य रूप से चेहरे की पहचान करानी होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे चेहरे की पहचान/पहचान सत्यापन और तलाशी के लिए परीक्षा स्थल पर समय से पहले पहुंचें।
यूपीएससी उम्मीदवारों को सेवा वरीयता अपडेट करने की अवधि के दौरान इसे बदलने की अनुमति देगा। सेवा वरीयता अपडेट करने की अवधि सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू होगी। अगले चरण के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को अपनी सेवा वरीयताओं को पुनर्व्यवस्थित या अपडेट करने का अवसर दिया जाएगा।